बाहर की टीम के आने से खुली पोल : अपने थाने में दर्ज करनी पड़ी तेल-माफियाओं से वसूली करने वाले कारखास पर FIR
चंदौली के अलीनगर स्थित इंडियन ऑयल टर्मिनल के पास पुलिस ने छापेमारी कर संगठित तेल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान 950 लीटर ईंधन बरामद हुआ और एक मुख्य आरक्षी की संलिप्तता भी सामने आई है।
अलीनगर इंडियन ऑयल टर्मिनल कांड
मुख्य आरक्षी रोशन यादव निलंबित
950 लीटर डीजल-पेट्रोल बरामद
टैंकरों के लॉक काटकर चोरी
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में एफआईआर
चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो इंडियन ऑयल टर्मिनल से निकलने वाले टैंकरों से तेल चोरी का काला कारोबार कर रहा था। शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को अलीनगर पुलिस और वाराणसी जोन की एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा अलीनगर थाने में तैनात एक मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) की संलिप्तता को लेकर हुआ है, जो कथित तौर पर इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहा था।
ऐसे गढ़ी गयी मुखबिर और घेराबंदी की कहानी
कहा जा रहा है कि थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय को और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अलीनगर मुख्य मार्ग से टर्मिनल के अंदर जाने वाले रास्ते पर चंदा चौहान के मकान के सामने टैंकरों को साइड में खड़ा कराकर डीजल-पेट्रोल चोरी किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया। पुलिस ने मौके पर देखा कि टैंकर संख्या UP 45 T 3570 से कुछ लोग पाइप और बाल्टियों की मदद से तेल निकाल रहे थे। घेराबंदी कर पुलिस ने मौके से चार लोगों को दबोच लिया, जबकि टैंकर चालक और कुछ अन्य भागने में सफल रहे।

पुलिसकर्मी सहित 14 पर नामजद एफआईआर
अलीनगर पुलिस और वाराणसी जोन की एसओजी टीम द्वारा इंडियन ऑयल टर्मिनल पर मारे गए छापे में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में अनवर अंसारी (रोहतास, बिहार), दानिश (वार्ड 16, अलीनगर), पंकज यादव (वार्ड 10), प्रहलाद चौहान, राकेश चौहान और असलम (तीनों वार्ड 9, अलीनगर) शामिल हैं। इनके अलावा प्रमोद चौहान, शेष और राजू चौहान (पुत्रगण मुनुद्दीन), सुहैल (वार्ड 13), चंदा चौहान और टैंकर संख्या UP 45 T 3570 के चालक व क्लीनर सहित कुल 14 आरोपियों के खिलाफ सिंडिकेट चलाकर अवैध तरीके से डीजल-पेट्रोल चोरी करने और उसका भंडारण करने का मामला दर्ज किया गया है। वहीं मामले में गिरफ्तार अभियुक्त और उनके पते पुलिस ने मौके से और बाद में तलाशी के दौरान कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:---

- अनवर अंसारी (19 वर्ष): पुत्र निशार अंसारी, निवासी कुथिला, थाना कोचस, जिला रोहतास, बिहार।
- दानिश (32 वर्ष): पुत्र मुस्तकीम, निवासी वार्ड नंबर 16, अलीनगर, चंदौली।
- पंकज यादव (25 वर्ष): पुत्र मोहन यादव, निवासी वार्ड नंबर 10, अलीनगर, चंदौली।
- प्रहलाद चौहान: पुत्र मुराहू चौहान, निवासी वार्ड नंबर 9, अलीनगर, चंदौली।
- राकेश चौहान: पुत्र गुचरन चौहान, निवासी वार्ड नंबर 9, अलीनगर, चंदौली।
- असलम: पुत्र करीमुद्दीन, निवासी वार्ड नंबर 9, अलीनगर, चंदौली।
कैसे चलता था तेल चोरी का 'सिंडिकेट'?
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे टैंकर चालकों और क्लीनर के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाते थे। वे टैंकर के लॉक वाले रॉड को काटकर तेल निकालते थे, जिससे चैंबर से तेल का रिसाव होने लगता था। आरोपी टर्मिनल से आने वाले टैंकरों से ₹60 प्रति लीटर की दर से तेल खरीदते थे और उसे बाजार में ₹80 प्रति लीटर में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस अवैध कमाई को आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे।
पुलिसकर्मी की संलिप्तता और भ्रष्टाचार का खेल
पकड़े गए अभियुक्त प्रहलाद ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसका भाई प्रमोद चौहान अलीनगर थाने पर नियुक्त मुख्य आरक्षी रोशन यादव (PNO-112620628) के संपर्क में था। आरोप है कि रोशन यादव इस तेल चोरी के धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रमोद से हर महीने 'सुविधा शुल्क' या रिश्वत लेते थे। पुलिस अब हेड कांस्टेबल रोशन यादव और प्रमोद चौहान के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) की जांच कर रही है ताकि इस भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचा जा सके।
कारखास बनकर करता था वसूली रोशन यादव
ऐसा कहा जा रहा है कि मुख्य आरक्षी रोशन यादव पिछले 2-3 सालों से थाने पर तैनात है और तेल-माफियाओं की डीलिंग व कलेक्शन उसी के जिम्मे था, लेकिन उसका हिस्सा कई और लोगों के पास तक जाता था, लेकिन जैसे ही थाने के लोगों को यह लगा कि वसूली की कलई खुलने से कई पुलिसकर्मियों व थानेदारों की गर्दन नप सकती है तो उसके धीरे से थाने से खिसक जाने की हिंट दे दी गयी और थाने के कुछ खास लोगों की मदद से वह थाने के बड़े आराम से फरार हो गया।
भारी मात्रा में बरामदगी और गाड़ियाँ जब्त
पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान कुल 950 लीटर डीजल-पेट्रोल बरामद किया है। टैंकर के पास से 50-50 लीटर के 4 जरकेन और अन्य उपकरण मिले। इसके साथ एक वैगनआर कार (UP 67 C 0638) से 300 लीटर तेल बरामद हुआ, जिसे राकेश और असलम लेकर जा रहे थे। सूचना व छानबीन के बाद राजू और शेष (पुत्रगण मुनूद्दीन) के गोदाम से पुलिस ने 650 लीटर तेल बरामद किया। इसके अलावा एक अल्टो कार (UP 70 AR 6884) और आरोपियों के मोबाइल व नकदी भी जब्त की गई है।
दर्ज की गई धाराएं और कानूनी कार्रवाई
अलीनगर पुलिस ने सभी आरोपियों और संलिप्त पुलिसकर्मी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 287, 316(3), 305(B), 317(2), 317(4), 61(2), और 112 लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त 23 पेट्रोलियम अधिनियम और भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। मामले की आगे की जांच क्षेत्राधिकारी (CO) पीडीडीयू नगर को सौंपी गई है।
इलाके में हो रही है तरह तरह की चर्चा
पुलिस महकमे के भीतर से ही अपराधियों को मदद मिलने की बात सामने आने पर विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही फरार आरोपियों व टैंकर चालक की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
ऐसा कहा जा रहा है कि चंदौली समाचार पर ऑडियो की रिकॉर्डिंग वायरल किए जाने के बाद सारे मामले में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन इसे पुलिस तत्काल नहीं करना चाहती थी, ताकि श्रेय किसी और को न मिले। लेकिन वाराणसी जोन की एसओजी टीम के इंवाल्व किए जाने के बाद मामले में तेजी से कार्रवाई करनी पड़ी।
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