अंतर्राज्यीय गोतस्करी गिरोह का किया पर्दाफाश: 22 लाख की अवैध फंडिंग करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
कन्दवा पुलिस ने किया गोतस्करी गिरोह का पर्दाफाश
पश्चिम बंगाल के दो बड़े गोतस्कर गिरफ्तार
CSP सेंटर से 22 लाख की अवैध ऑनलाइन फंडिंग
यूपी बिहार से बंगाल तक जुड़ा गोतस्करी नेटवर्क
अंतर्राज्यीय गोतस्करी गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चंदौली जिले की कन्दवा पुलिस ने गोतस्करी के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल से जुड़े दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह बड़ी कामयाबी हासिल की। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान हसनुज्जमान उर्फ जूवेल (36 वर्ष) और खेताबुल मौलिक उर्फ सिप्पन (28 वर्ष), निवासी थाना पैकर, जिला वीरभूम (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है।
कन्दवा पुलिस ने किया गोतस्करी गिरोह का पर्दाफाश
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) September 11, 2026
पश्चिम बंगाल के दो बड़े गोतस्कर गिरफ्तार
CSP सेंटर से 22 लाख की अवैध ऑनलाइन फंडिंग
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यह कार्रवाई थाना कन्दवा पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 27/2026 में बीएनएस और गोवध निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत की गई है। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी पूर्व में पकड़े गए तस्करों के बैंक खातों में अब तक कुल 22 लाख रुपये का अवैध ऑनलाइन लेन-देन कर चुके थे।
17 अप्रैल की घटना से जुड़ा है पूरा मामला
मामले की शुरुआत 17 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब कन्दवा पुलिस ने बकौडी चौराहे के पास चेकिंग के दौरान एक बोलेरो पिकअप (UP65 JT 3964) को रोकने की कोशिश की। चालक ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर कमलेश बिन्द व शैलेन्द्र बिन्द को 5 गोवंशों (3 बैल, 2 गाय) के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद 21 अगस्त 2026 को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दो और वांछित तस्करों जावेद अहमद (गाजीपुर) और अतहर कुरैशी (कैमूर, बिहार) को पकड़ा गया। इनसे पूछताछ और बैंक ट्रांजैक्शन की पड़ताल के बाद पश्चिम बंगाल के इन दो मुख्य फाइनेंसर्स का नाम सामने आया।
CSP सेंटरों के जरिए भेजी जाती थी 22 लाख की रकम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दोनों ममेरे-फुफेरे भाई हैं और वर्ष 2023 से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से गोवंशों की खरीद-फरोख्त कर उन्हें पश्चिम बंगाल में बेचने का अवैध धंधा कर रहे थे।
नकद रुपये ले जाने में लूट और छिनैती के डर से वे अपने क्षेत्र के ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) के जरिए यूपी और बिहार के तस्करों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करते थे। मोटे कमीशन के लालच में यह पूरा अंतर्राज्यीय सिंडिकेट चलाया जा रहा था।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य अभियुक्तों को जेल भेजने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल, रिक्रूट कांस्टेबल शिवकुमार और रिक्रूट कांस्टेबल नायब यादव (थाना कन्दवा, जनपद चंदौली) शामिल रहे।
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