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चंदौली पुलिस का 'ऑपरेशन कन्विक्शन' लाया रंग: मुगलसराय के दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

चंदौली के "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस और मॉनिटरिंग सेल की मजबूत पैरवी से दो अलग-अलग मुकदमों के आरोपियों को सीजेएम कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया है।

 
 

ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत सजा

दो अलग मुकदमों में कोर्ट का फैसला

सीजेएम प्रभाष त्रिपाठी ने सुनाई सजा

दोषियों पर लगाया गया आर्थिक जुर्माना

मुगलसराय पुलिस की बेहतरीन कानूनी पैरवी

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में अपराधियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाने के लिए चलाया जा रहा "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान तेजी से रंग ला रहा है। मजबूत वैज्ञानिक विवेचना, सही साक्ष्य संकलन और अदालत में दमदार पैरवी के दम पर पुलिस को बड़ी सफलता मिल रही है। इसी कड़ी में चंदौली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM)  प्रभाष त्रिपाठी की अदालत ने थाना मुगलसराय से जुड़े दो अलग-अलग मुकदमों के आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा और अर्थदंड का फैसला सुनाया है।

आर्म्स एक्ट के मामले में हनुमान चौरसिया दोषी
सजा पाने वाले पहले मामले में, थाना मुगलसराय पर पंजीकृत आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 194/2006 दर्ज था। इस मामले के अभियुक्त हनुमान चौरसिया (पुत्र श्री छेदीलाल चौरसिया, निवासी सूजाबाद नई बस्ती, थाना रामनगर, जिला वाराणसी) के खिलाफ पुलिस और अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत पेश किए। कोर्ट ने आरोपों को सही पाते हुए उसे दोषी माना और जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया। यदि दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे दो दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

एक्सीडेंट केस में विनोद कुमार बिंद को मिली सजा
दूसरा मामला सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जो थाना मुगलसराय पर मुकदमा संख्या 307/2008 के तहत दर्ज था। इसमें लापरवाही से गाड़ी चलाने और हादसे में मौत की धाराओं में आरोपी विनोद कुमार बिंद (पुत्र लालजी बिंद, निवासी दुलहीपुर, थाना मुगलसराय, जिला चंदौली) पर मुकदमा चल रहा था। सीजेएम कोर्ट ने इस मामले में भी कड़ी सुनवाई करते हुए विनोद कुमार को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ 4,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर उसे 4 दिन अतिरिक्त जेल में गुजारने होंगे।

पुलिस टीम और अभियोजन अधिकारी की सराहना
इन दोनों ही मामलों में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में चंदौली पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और थाना मुगलसराय पुलिस की भूमिका बेहद सराहनीय रही। इसके साथ ही, कोर्ट में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने वाले अभियोजन अधिकारी  विजय कुमार पांडेय (APO) की प्रभावी और सूझबूझ भरी पैरवी की हर तरफ काफी तारीफ हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाइयों से अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा।

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