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चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' : 24 और 26 साल पुराने मामलों में दो अपराधियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

चंदौली में "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत पुलिस की दमदार पैरवी रंग लाई है। कोर्ट ने साल 2000 और 2002 के आर्म्स एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया है। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

चंदौली में ऑपरेशन कन्विक्शन का बड़ा असर

24 और 26 साल बाद अपराधियों को सजा

मुगलसराय थाने के आर्म्स एक्ट में एक्शन

अभियोजन अधिकारी और मॉनिटरिंग सेल की पैरवी

कोर्ट ने लगाया जुर्माना, न देने पर अतिरिक्त जेल

 चंदौली जिले में अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए चलाया जा रहा "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान लगातार असरदार साबित हो रहा है। चंदौली पुलिस की मजबूत पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और पुख्ता साक्ष्यों के दम पर कोर्ट-कचहरी में मामलों का निपटारा बेहद तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में माननीय न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीज़न)/न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली ने दशकों पुराने दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।

24 साल पुराने केस में श्याम कौल को सजा
पहली कामयाबी थाना मुगलसराय से जुड़े साल 2002 के एक मामले में मिली है। मुकदमा अपराध संख्या 66/2002, जो धारा 4/25 आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखने) के तहत दर्ज था, उसमें अभियुक्त श्याम कौल पाण्डेय को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। अलीनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले श्याम कौल को कोर्ट ने जेल में बिताई गई अवधि की सजा और ₹1,000 के अर्थदंड (जुर्माने) से दंडित किया है। अगर आरोपी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 7 दिनों की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

26 साल बाद वाराणसी का प्यारेलाल भी दोषी करार
दूसरा मामला और भी पुराना यानी साल 2000 का है। मुगलसराय थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 276/2000 (धारा 4/25 आर्म्स एक्ट) में वाराणसी के रामनगर निवासी प्यारेलाल को कोर्ट ने दोषी सिद्ध किया है। पूरे 26 साल चले इस मामले में कोर्ट ने प्यारेलाल को भी जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ ₹500 का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर प्यारेलाल को भी 7 दिन अतिरिक्त जेल में गुजारने पड़ेंगे।

पुलिस टीम और मॉनिटरिंग सेल की तारीफ
सालों पुराने इन मामलों में अपराधियों को सजा दिलाने के पीछे पुलिस और वकीलों की टीम की कड़ी मेहनत रही है। इस शानदार पैरवी को अंजाम तक पहुंचाने में चंदौली पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, थाना मुगलसराय पुलिस और अभियोजन अधिकारी (एपीओ) श्री विजय कुमार पाण्डेय की भूमिका बेहद सराहनीय रही। पुलिस के इस तगड़े एक्शन से साफ है कि जुर्म चाहे कितना भी पुराना हो, कानून के हाथ से बच पाना मुमकिन नहीं है।

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