अब चंदौली में रुकेगा फर्जी बेल का खेल, पुलिस ने 16 पेशेवर जमानतदारों को किया अरेस्ट
चंदौली में न्यायिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए पुलिस ने 16 पेशेवर और फर्जी जमानतदारों को गिरफ्तार किया है। ये लोग गौ-तस्करी, लूट जैसे अपराधों में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमानत लेते थे...
2000-3000 रु. लेकर गौ-तस्करी और लूट के आरोपियों की लेते थे जमानत
अपराधियों की जमानत लेने वालों को दबोच कर भेजा गया जेल
न्यायिक प्रक्रिया की शुचिता बढ़ाने की कोशिश
शातिर अपराधियों पर नकेल कसने की कोशिश
चंदौली जिले में पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में, जनपद में पेशेवर और फर्जी जमानतदारों (Professional-Fake Sureties) और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक वृहद अभियान चलाया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना और उन तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है जो अनुचित तरीके से अपराधियों की जमानत कराते हैं।
पुलिस ने बताया कि इसी अभियान के अंतर्गत, आज दिनांक 18 नवंबर 2025 को जनपद चंदौली पुलिस द्वारा कुल 16 पेशेवर और फर्जी जमानतदारों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी अपराधी कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग करके गंभीर मामलों के अभियुक्तों की जमानत करा रहे थे।
फर्जीवाड़े का ऐसे फूटा भांडा
थाना चंदौली कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर यह गंभीर मामला सामने आया। तहरीर में बताया गया है कि जनपद के अपराधियों की जमानत लेने के लिए जमानतदारों द्वारा अनुचित आर्थिक लाभ (Unjust Financial Gain) प्राप्त करने के उद्देश्य से एक बड़ा षड्यंत्र रचा गया।
ये जमानतदार मुख्य रूप से गौ-तस्करी, डकैती, लूट, हत्या, चोरी, नकबजनी, गैंगेस्टर एक्ट, आबकारी एक्ट और अवैध शस्त्र जैसे गंभीर अपराधों के प्रकरणों में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध अभियुक्तों से मिलीभगत करते थे।
ऐसा था नए तरीके के अपराध का तरीका
बताया जा रहा है कि एक ही जमानतदार द्वारा कूटरचित अभिलेखों (Forged Documents) के माध्यम से कई अभियुक्तों की जमानतें ली गईं। जमानत लेते समय माननीय न्यायालय को गुमराह किया गया और पूर्व में ली गई जमानतों का कोई उल्लेख नहीं किया गया। साथ ही साथ इन जमानतदारों ने अभियुक्तों के बिना पहचान के ही जमानतें लीं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की सत्यता खतरे में पड़ गई।
इन कृत्यों के संबंध में थाना स्थानीय पर मुकदमा अपराध संख्या 331/25 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 111(2)(b) बीएनएस के तहत कुल 28 नामजद और अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पूछताछ में खुलासा: 2000-3000 रु. का कमीशन
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ और जांचोपरान्त चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:--
- बार-बार जमानत लेने वाले : कई अभियुक्तों ने एक ही जमानतदार अथवा संपत्ति के आधार पर बार-बार फर्जी जमानत ली।
- दलालों का रोल भी है अहम : कुछ दलालों (Brokers) द्वारा ₹2000 से ₹3000 तक की धनराशि लेकर इन पेशेवर जमानतदारों से जमानत दिलवायी गई।
- जमानतदारों के कागजात पर कब्जा: कई प्रकरणों में यह भी पाया गया कि पेशेवर जमानतदारों के समस्त कागजात, परिचय पत्र आदि दलाल ही अपने पास रखते थे और उनका उपयोग करते रहते थे।
- ऐसे की गयी स्वीकारोक्ति : गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे के लालच में जमानतें ली हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों की जमानतें ली गईं, उन्हें उनका नाम पता भी मालूम नहीं है।
- अपराध व अन्य तथ्यों को छिपाना: जमानत प्रपत्र में लगने वाले शपथ पत्र में भी इन लोगों द्वारा पूर्व में ली गई जमानतों के तथ्य छुपाये गये हैं।
- गौ-तस्करी का भी है कनेक्शन: कुल 9 जमानतदारों ने विशेष रूप से गौ-तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल अभियुक्तों की फर्जी तरीके से जमानत ली है।
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— Chandauli Samachar (@chandaulinews) November 18, 2025
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गिरफ्तारी की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
दिनांक 18 नवंबर 2025 को अभियान चलाकर मुकदमा उपरोक्त में वांछित कुल 28 अभियुक्तों में से 16 अभियुक्तों को उनके संबंधित थाना क्षेत्र के थाना प्रभारियों द्वारा गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा अन्य वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु अग्रिम विधिक कार्यवाही (Further Legal Action) प्रचलित है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:
- सुरेश पुत्र अर्जुन (बिछिया कला)
- सियाराम पुत्र स्व. मुराहू राम (प्रतापपुर)
- श्याम सुन्दर पुत्र स्व. दुक्खन (हिनौता)
- महेन्द्र पुत्र रामकिशुन (छित्तो)
- विश्वनाथ पुत्र लल्लू (भिसौडी)
- सिपाही पुत्र रामनाथ (महावलपुर)
- मुसाफिर पुत्र नसरूद्दीन (सहजौर)
- चरनदास पुत्र शिवनाथ (दुल्हीपुर)
- राजेन्द प्रसाद पुत्र मुन्नीलाल (हिनौली)
- असलम पुत्र रफीक (सहजौर)
- घनश्याम पुत्र सोमारू राम (सिसौरा खुर्द)
- छोटेलाल पुत्र रामप्यारे (औराही)
- सुरेश पुत्र देवशरण (जेवरियाबाद)
- मनोज कुमार जायसवाल पुत्र स्व. भग्गन प्रसाद (ददरा)
- भारतीय पोप पाल सिंह पुत्र स्व. शिव विलास सिंह (ताजपुर)
- प्रमोद अवस्थी पुत्र स्व. जगरनाथ (सकलपुर)
यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि चंदौली पुलिस न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े और दलालों के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही साथ अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
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