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हिस्ट्रीशीटर सुभाष सोनकर को आजीवन कारावास, पॉक्सो एक्ट में कोर्ट का बड़ा फैसला

चन्दौली पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' को बड़ी सफलता मिली है। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के दोषी और शातिर हिस्ट्रीशीटर सुभाष सोनकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और प्रभावी पैरवी से अपराधी को अंजाम तक पहुंचाया गया।

 
 

हिस्ट्रीशीटर सुभाष सोनकर को आजीवन कारावास की सजा

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चन्दौली पुलिस की बड़ी जीत

पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में हुआ दोषसिद्ध

दोषी पर 50,000 रुपये का भारी अर्थदण्ड भी लगाया

गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट का भी पुराना अपराधी है सुभाष

 उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत चन्दौली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। चन्दौली के जिला न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए शातिर हिस्ट्रीशीटर सुभाष सोनकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और कोर्ट में मजबूत पैरवी के कारण महज 10 महीने के भीतर अपराधी को उसके अंजाम तक पहुँचाया गया है।

वैज्ञानिक विवेचना और अचूक साक्ष्यों ने दिलाई सजा
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चन्दौली पुलिस ने इस मामले में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी पर जोर दिया था। मामला 15 मार्च 2025 का है, जब थाना चन्दौली में आरोपी सुभाष सोनकर पुत्र सकलू सोनकर, निवासी बिसौरी के खिलाफ धारा 65(2) बीएनएस व 5m/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक सदर, अनन्त चन्द्रशेखर (IPS) के पर्यवेक्षण में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में ठोस गवाही और साक्ष्य प्रस्तुत किए।

आजीवन कारावास के साथ लगा 50 हजार का जुर्माना
19 जनवरी 2026 को माननीय न्यायाधीश स्पेशल जज पॉक्सो श्री अनुराग शर्मा ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी सुभाष सोनकर को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 50,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड का भुगतान न करने की स्थिति में दोषी को 04 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अपराध जगत में पुराना रहा है सुभाष का इतिहास
सजा पाने वाला सुभाष सोनकर मामूली अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है। उसके विरुद्ध पूर्व में चन्दौली और गैर-जनपद के विभिन्न थानों में गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, दहेज उत्पीड़न और मारपीट जैसे दर्जनों गंभीर अभियोग पंजीकृत हैं। समाज के लिए खतरा बन चुके इस अपराधी को जेल भेजने में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी मुकेश कुमार तिवारी, एडीजीसी शमशेर बहादुर सिंह और पैरोकार हेड कांस्टेबल अजय कुमार की विशेष भूमिका रही।

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