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चंदौली पुलिस का 'ऑपरेशन कन्विक्शन' जारी, धोखाधड़ी के आरोपी को मिली सजा ​​​​​​​

चंदौली पुलिस का यह कदम दर्शाता है कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत पुराने और लंबित मामलों में भी दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
 

मामले के आरोपी अफसर खाँ को मिली सजा

15 अप्रैल 2001 को सैयदराजा थाने में दर्ज हुआ था मामला

सजा के साथ-साथ 1500 रुपये का अर्थदंड

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत, चंदौली पुलिस ने एक बार फिर प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को सजा दिलाई है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप, धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी को न्यायालय उठने तक की सजा और जुर्माने से दंडित किया गया है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चंदौली की न्यायाधीश श्रीमती इशरत परवीन फारुकी की अदालत ने धोखाधड़ी और संपत्ति को छिपाने के आरोप में अभियुक्त अफसर खाँ को दोषी पाया। अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा और 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यदि वह अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे 3 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मामले का संक्षिप्त विवरण
यह मामला लगभग 24 साल पुराना है। यह घटना 15 अप्रैल 2001 को सैयदराजा थाने में अपराध संख्या 56/2001, धारा 420 और 424 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज की  गयी थी। मामले का आरोपी अफसर खाँ, पुत्र शफीक अहमद, निवासी कुकुरगन, थाना प्रतापपुर, जनपद चवरा (झारखंड) का रहने वाला था।

पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनन्त चंद्रशेखर के पर्यवेक्षण में, मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी और एसपीओ मनीष कुमार ने मामले की गहन समीक्षा की। थाना सैयदराजा के पैरोकार राजीव कुमार की प्रभावी पैरवी और साक्षियों के ठोस सबूतों के आधार पर, आरोपी को दोषी साबित करने में सफलता मिली।

चंदौली पुलिस का यह कदम दर्शाता है कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत पुराने और लंबित मामलों में भी दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई जनता के बीच कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करेगी।

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