जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

चंदौली में ऐसे चलता था 'देवता' का जुए का सिंडिकेट: 25 हजार का इनामी सुनील यादव कैसे बना सट्टेबाजी का ग्रेट गैंबलर?

वाराणसी और चंदौली पुलिस की नाक के नीचे जुआ सिंडिकेट चलाने वाले 25 हजार के इनामी सुनील यादव उर्फ 'देवता' की तलाश तेज हो गई है। जलीलपुर क्षेत्र में एलआईयू को ठेंगा दिखाकर फल-फूल रहे इस काले कारोबार का खुलासा एडीजी चैटबॉट से हुआ।

 
 

25 हजार का इनामी सुनील यादव उर्फ 'देवता' फरार

यूपी-बिहार बॉर्डर और वाराणसी सीमा पर जुआ सिंडिकेट

आईपीएल सट्टेबाजी से शुरू हुआ 'देवता' का सफर

जुआरियों को ब्याज पर पैसे बांटता था सिंडिकेट

एडीजी वाराणसी की चैटबॉट सेवा से हुआ बड़ा खुलासा

चंदौली जिले और वाराणसी कमिश्नरेट की सीमाओं के बीच सालों से पुलिस को चकमा दे रहा जुआ सिंडिकेट का सरगना सुनील यादव उर्फ 'देवता' अब कानून के शिकंजे में फंसता नजर आ रहा है। चंदौली पुलिस ने अलीनगर थाना क्षेत्र के नींबूपुर निवासी इस शातिर अपराधी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वर्तमान में चंदौली SOG और मुगलसराय पुलिस की टीमें वाराणसी, चंदौली और मिर्जापुर के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

chandauli-gambling-den-raid-bjp-mla-photos-viral-devta-yadav-case

बॉर्डर की भौगोलिक स्थिति का उठाया फायदा
जांच में सामने आया है कि सुनील यादव उर्फ 'देवता' पुलिस की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ था। वह अक्सर बॉर्डर क्षेत्र का चुनाव करता था ताकि गिरफ्तारी से बच सके। जब वाराणसी कमिश्नरेट की रामनगर पुलिस सक्रिय होती, तो वह चंदौली सीमा में दाखिल हो जाता था, और जब चंदौली पुलिस की दबिश बढ़ती, तो वह कमिश्नरेट क्षेत्र में शरण ले लेता था। पिछले पांच वर्षों से उसने जलीलपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में अपनी पैठ इतनी मजबूत कर ली थी कि स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) तक को इसकी भनक नहीं लगने दी।

chandauli-gambling-den-raid-bjp-mla-photos-viral-devta-yadav-case

IPL सट्टेबाजी से जुआ किंगपिन बनने का सफर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 'देवता' के अपराध की शुरुआत आईपीएल सट्टेबाजी से हुई थी। धीरे-धीरे उसने अपना नेटवर्क होटल, गेस्ट हाउस और गंगा किनारे के सुनसान इलाकों जैसे डोमरी, कटेसर और सूजाबाद तक फैला दिया। उसने जुआरियों के मन में यह विश्वास पैदा कर दिया था कि पुलिस उसके ठिकानों तक कभी नहीं पहुँच पाएगी। हर दिन इस फड़ पर 5 से 7 लाख रुपये तक की बाजी लगती थी। जुए से हुई अवैध कमाई के जरिए उसने ग्राम प्रधान का चुनाव जीता, स्कूल खोला और प्रॉपर्टी के कारोबार में भी पैर जमा लिए।

ब्याज का मकड़जाल और रसूख का खेल
इस सिंडिकेट की कार्यशैली बेहद चौंकाने वाली थी। जो लोग जुए में अपनी रकम हार जाते थे, सुनील के सहयोगी उन्हें तुरंत ब्याज पर पैसे मुहैया कराते थे ताकि वे दोबारा दांव लगा सकें। इस तरह कर्ज के जाल में फंसे लोग सिंडिकेट के वफादार बन जाते थे। चर्चा तो यह भी है कि क्षेत्र के कुछ पुलिसकर्मियों और स्थानीय रसूखदारों के साथ उसकी गहरी साठगांठ थी, जिसके कारण लंबे समय तक उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

ADG चैटबॉट ने बिगाड़ा 'देवता' का खेल
इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब एडीजी वाराणसी की 'चैटबॉट सेवा' पर एक गोपनीय शिकायत पहुँची। इसके बाद हुई कार्रवाई में छह दिन पहले चंदौली SOG और मुगलसराय पुलिस ने सेमरा गांव में ओमप्रकाश उर्फ मग्गू पटेल के मकान पर छापेमारी की। मौके से 1.50 लाख रुपये नकद, 50 से अधिक मोटरसाइकिलें और 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, मुख्य सरगना सुनील यादव, मग्गू पटेल और उसका बेटा राहुल मौके से फरार होने में सफल रहे।

पुलिस कप्तान खुद कर रहे निगरानी
चंदौली के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। एसपी ने बताया कि एसओजी टीम वर्तमान में आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। पुलिस उन सफेदपोशों और संरक्षण देने वालों को भी चिन्हित कर रही है जिन्होंने इस सिंडिकेट को फलने-फूलने में मदद की। पुलिस का दावा है कि जल्द ही 'देवता' और उसके सहयोगियों को सलाखों के पीछे भेजकर इस सट्टा नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाएगा।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*