साइबर ठगों ने दुबई में भाई के जेल जाने का डर दिखाकर ठगे थे 1 लाख, साइबर पुलिस ने कराए वापस
चंदौली की धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ित के 1,00,000 रुपये शत-प्रतिशत वापस करा दिए हैं। जानें कैसे पुलिस ने चंद घंटों में होल्ड कराया पैसा।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का शिकार
पीड़ित के 1 लाख रुपये शत-प्रतिशत वापस
धानापुर पुलिस और साइबर टीम की त्वरित कार्रवाई
दुबई में भाई के जेल जाने का दिखाया डर
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई शिकायत
चंदौली जिले की पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। उच्च अधिकारियों के कुशल निर्देशन में धानापुर पुलिस और साइबर टीम ने तत्परता दिखाते हुए डिजिटल अरेस्ट और झांसेबाजी के शिकार हुए एक व्यक्ति के पूरे 1,00,000/- रुपये (एक लाख रुपये) सकुशल उनके बैंक खाते में वापस ला दिए हैं।
चचेरे भाई के दुबई में गिरफ्तार होने का दिखाया था डर
घटना चंदौली जिले के कस्बा धानापुर की है। यहाँ के निवासी नईमुल हक खान (पुत्र स्वर्गीय हनीफ खान) के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले साइबर ठग ने उन्हें झांसे में लेते हुए डराया कि दुबई में रहने वाले उनके चचेरे भाई अबुल वैश को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ठगों ने भाई को जेल से छुड़ाने के नाम पर पीड़ित को डरा-धमकाकर 1 लाख रुपये अपने बताए खाते में तुरंत ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद भी ठगों का मन नहीं भरा और वे 1 लाख रुपये की और मांग करने लगे। जब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने बिना देर किए तुरंत थाना धानापुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बैंक खाता हुआ फ्रीज
शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष धानापुर सूर्य प्रकाश मिश्र और साइबर टीम ने तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की। साइबर सेल की टीम ने बिना समय गंवाए पीड़ित द्वारा ट्रांसफर की गई पूरी 1 लाख रुपये की राशि को संबंधित बैंक खाते में तुरंत फ्रीज/होल्ड करवा दिया, जिससे ठग उस पैसे को निकाल न सके।
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर खाते में भेजी गई रकम
इसके बाद पुलिस ने माननीय न्यायालय से रिलीज का आदेश प्राप्त किया और संबंधित बैंक से पत्राचार किया। बैंक को होल्ड की गई धनराशि वापस पीड़ित के खाते में भेजने के लिए नियमानुसार नोटिस भेजा गया। पुलिस की इस सटीक और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप 09 अक्टूबर 2026 को पीड़ित के बैंक खाते में ठगी गई पूरी धनराशि ₹1,00,000/- वापस आ गई। अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस पाकर पीड़ित और उनके परिजनों ने चंदौली पुलिस और साइबर टीम का दिल से आभार जताया।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली टीम में धानापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक सूर्य प्रकाश मिश्र, साइबर प्रभारी/निरीक्षक सलिल स्वरूप आदर्श, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए (सीसीटीएनएस) अनुराग गुप्ता और साइबर सेल के मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) सूर्य प्रवीण त्रिपाठी शामिल रहे।
जनहित में चंदौली पुलिस की जरूरी अपील
चंदौली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर विदेश में रिश्तेदार के फंसने, जेल जाने या 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर बिल्कुल न डरें। बिना किसी ठोस पुष्टि के किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने के साइबर हेल्पडेस्क से संपर्क करें।
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