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चंदौली में बड़ा साइबर फ्रॉड: लड़की बनकर लड़कों को ठगने वाला शातिर गिरफ्तार, फर्जी ID से करता था धन उगाही ​​​​​​​

चंदौली की सैयदराजा पुलिस ने सोशल मीडिया पर लड़की के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवकों को झांसे में लेकर ऑनलाइन पैसे ऐंठता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल और तीन फर्जी आईडी बरामद की हैं।

 
 

 
सैयदराजा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले अभय वर्मा को किया गिरफ्तार

आरोपी के पास से एक मोबाइल और 3 फर्जी आईडी कार्ड बरामद

इंस्टाग्राम पर लड़की बनकर लड़कों से करता था दोस्ती और ठगी

बैंक खातों की जांच में मिले संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के सबूत

आईटी एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

 चंदौली जिले से सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर सैयदराजा थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को धर दबोचा है, जो इंटरनेट की दुनिया में अपनी पहचान छिपाकर लोगों की जेब खाली कर रहा था। पुलिस की टीम ने फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर ठगी करने वाले आरोपी अभय वर्मा को उसके ही गाँव बगही कुम्भापुर से गिरफ्तार कर लिया है।

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लड़की बनकर लड़कों को जाल में फंसाता था आरोपी
पकड़े गए आरोपी की उम्र करीब 24 वर्ष है और वह सैयदराजा थाना क्षेत्र के बगही कुम्भापुर का ही रहने वाला है। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाता था। इन नकली प्रोफाइलों के जरिए वह सीधे-साधे लड़कों को दोस्ती के जाल में फंसाता था और उनका भरोसा जीत लेता था।

बीमारी और मजबूरी का बहाना बनाकर ऐंठता था रकम
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अभय वर्मा बेहद चालाकी से काम करता था। लड़कों से जान-पहचान और दोस्ती बढ़ाने के बाद वह अपनी नकली मजबूरी उनके सामने रखता था। वह कभी अपनी बीमारी तो कभी दवा के खर्च का बहाना बनाता था। कभी-कभी वह मोबाइल की मदद या अन्य घरेलू समस्याओं का हवाला देकर सामने वाले से सहानुभूति हासिल करता था और उनसे अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेता था। वह लोगों से छोटे-छोटे अमाउंट में रकम मांगता था ताकि किसी को शक न हो। इस तरह ठगी गई रकम का इस्तेमाल वह अपनी मौज-मस्ती और निजी खर्चों के लिए करता था।

डिजिटल जांच और फर्जी दस्तावेजों का भंडाफोड़
शिकायत मिलने के बाद जब सैयदराजा पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, तो ठगी की पूरी कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं। पुलिस टीम ने जब आरोपी के मोबाइल को खंगाला तो उसमें कई फर्जी जीमेल और इंस्टाग्राम अकाउंट एक्टिव मिले। जांच में पता चला कि वह अपनी असली पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग डिजिटल पहचान का इस्तेमाल कर रहा था। इतना ही नहीं, उसके पास से 3 फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिन्हें उसने भविष्य में लोगों को झांसे में लेने और खुद को सही साबित करने के लिए बनाकर रखा था।

बैंक खातों से खुले संदिग्ध लेनदेन के राज
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने जब आरोपी के बैंक खातों की पड़ताल की, तो बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी अभय वर्मा के नाम से इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक और फिनो बैंक में खाते चल रहे थे। इन खातों के बैंक स्टेटमेंट देखने पर पता चला कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कई लोगों ने उसे छोटे-छोटे अमाउंट में पैसे भेजे थे। पुलिस को आरोपी के खिलाफ ठगी के पुख्ता डिजिटल और तकनीकी सबूत मिल चुके हैं।


इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक मारकण्डेय सिंह और कांस्टेबल पंकज कुमार शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज था। अब गिरफ्तारी और फर्जी आईडी कार्ड की बरामदगी के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) और 336(2) की बढ़ोतरी कर दी गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

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