जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

तहरीर लेने से पहले 'गालियों' से स्वागत करती है धानापुर पुलिस, सीओ साहब करा रहे मामले की जांच

क्षेत्राधिकारी ने यह भी कहा की पीड़िता के साथ अगर कोई भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है तो मामले में जांच होगी और आरोप सही पाए गए तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी।
 

धानापुर में पुलिसिंग का अलग अंदाज

न्याय देने के पहले देते हैं 'गालियां'

गायब पुत्र व पति की लिखाने पहुंची थी गुमशुदगी

दूसरे दिन पीड़िता के भाइयों को भी जेल में किया बंद

चंदौली जनपद के धानापुर थाना के पुलिस का एक कारनामा सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां महिलाओं को लेकर तत्काल न्याय देने व महिला सशक्तिकरण का नारा देकर उनको लाभ पहुंचाने की बात कही जा रही हैं, वहीं धानापुर थाना क्षेत्र के कवलपुरा गांव की निवासिनी पीड़िता प्रीति देवी के साथ पुलिस ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनके पुत्र एवं पति की गुमशुदगी लिखने के बजाय मायके से आए तीन भाइयों को भी जेल में बंद कर दिया। जब मामले की जानकारी सीओ सकलडीहा रघुराज को हुई तो उन्होंने तत्काल पहल करते हुए तीनों भाइयों को थाने से छुड़वाया।

आपको बता दें कि धानापुर थाना क्षेत्र के कवलपुरा गांव की निवासी पीड़िता प्रीति देवी का पति 26 फरवरी को 3 वर्ष के पुत्र को लेकर बाइक से घर से गायब हो गया था, जब शाम तक घर नहीं लौटा और उसका फोन स्विच ऑफ हो गया तो पीड़िता दूसरे दिन धानापुर थाने पर गुमशुदगी लिखवाने के लिए थाने पहुंची और उसने यह भी बताया कि मेरा पति का किसी लड़की से प्रेम संबंध भी है, जिस पर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा महिला के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और कहा गया कि भाग गया तो हम लोग क्या करें। इसके बाद उसकी तहरीर नहीं ली गई।


इसके बाद जब महिला दोबारा  अधिवक्ता के साथ थाने पर पहुंची तो थानाध्यक्ष के संज्ञान में मामला आया तो उसकी तहरीर ली गई। दूसरे दिन यानी 28 फरवरी को पीड़िता के साथ उसके मायके से आए तीन भाइयों भी थाने पर पहुंचकर गायब बहन के पुत्र व पति की फोटो देने के लिए गए तो पुलिस द्वारा उन्हें थाने में बैठा लिया गया। जब पीड़िता के देवर ने इस संबंध में जानकारी ली तो पुलिस द्वारा बताया गया कि पुलिस को गलत तहरीर दिया जा रहा है इसलिए इन तीनों को थाने में बंद किया जा रहा है।
 इसके बाद पीड़िता सकलडीहा तहसील में पहुंचकर गुहार लगा रही थी, तभी मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी सकलडीहा रघुराज को मिली। उन्होंने इस मामले में पहल करते हुए तत्काल थाने में बैठाये गए पीड़िता के तीनों भाइयों को छुड़वाया और बताया कि महिला के पति के खिलाफ अलीनगर थाने के एक गांव की लड़की को लेकर भगाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पीड़िता के पति व पुत्र को खोजने में लगी हुई है।
क्षेत्राधिकारी ने यह भी कहा की पीड़िता के साथ अगर कोई भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है तो मामले में जांच होगी और आरोप सही पाए गए तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी। थाने में आए फरियादी से बदतमीजी बर्दास्त नहीं होगी।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*