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Dhina Double Murder Case: धानापुर से पकड़े गए आरोपी विकास सिंह और छोटू, शराब तस्करी और जमीन विवाद हो गई दोनों की हत्या

चंदौली धीना डबल मर्डर केस में धानापुर पुलिस ने दो मुख्य आरोपी विकास सिंह और छोटू को गिरफ्तार किया, 22 अक्टूबर को डेढ़गावा में बोरे में मिले थे सागर त्रिपाठी और सिद्धार्थ सिंह के शव, शराब तस्करी और जमीन-पैसे विवाद।

 
 

धीना डबल मर्डर केस खुलासा

विकास सिंह और छोटू गिरफ्तार

डेढ़गावा में बोरे में शव

शराब तस्करी जमीन विवाद मामला

धानापुर ब्लॉक से गिरफ्तारी

चंदौली जिले को झकझोर देने वाले बहुचर्चित डेढ़गावा डबल मर्डर केस में धानापुर पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों—मेढ़वा गांव निवासी विकास सिंह पुत्र हरिहर सिंह और सूर्यप्रकाश सिंह उर्फ छोटू पुत्र राकेश सिंह को धानापुर ब्लॉक के पास से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से ही दोनों आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस इनकी तलाश में विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही थी।


क्या है पूरा मामला?

बीती 22 अक्टूबर को धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गावा गांव के पास एक बोरे में दो युवकों के शव बरामद हुए थे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतकों की पहचान कानपुर निवासी *सागर त्रिपाठी* और गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव निवासी *सिद्धार्थ सिंह* के रूप में हुई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि यह पूरा खौफनाक हत्याकांड जमीन और पैसों के लेन-देन तथा शराब तस्करी से जुड़ा हुआ है।

शव बोरे में मिलने से साफ था कि हत्यारों ने पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी। घटना के बाद से ही पूरे जिले में चर्चा थी कि आखिर दो युवकों की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की गई।

जानिए कैसे खुला डबल मर्डर का राज?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दोहरे हत्याकांड के ठीक अगले दिन बिहार के रोहतास जिले में शराब तस्करी के मामले में दो अन्य लोगों को पकड़ा गया था, जिनकी पहचान मेढ़वा निवासी रवि सिंह और अमादपुर निवासी गोलू के रूप में हुई थी। उनसे हुई कड़ाई से पूछताछ के दौरान ही विकास सिंह और छोटू के नाम का खुलासा हुआ था।

इसके बाद से चंदौली पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, धीना और धानापुर पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की सुरागकशी में जुटी थीं। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि दोनों आरोपी धानापुर ब्लॉक के आसपास देखे गए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और दोनों को धर दबोचा।

आगे की कार्रवाई की जा रही हैं..

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि सागर त्रिपाठी और सिद्धार्थ सिंह की हत्या करने के बाद उनके शवों को बोरे में बंद करके डेढ़गावा के पास फेंक दिया गया था, ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके और सबूतों को मिटाया जा सके।

पुलिस अब दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि इस दोहरे हत्याकांड से जुड़ी पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। साथ ही, पूछताछ के आधार पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इस बड़ी गिरफ्तारी से मामले के जल्द खुलासे और पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।

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