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शादी के खर्च का लालच देकर कराई जा रही थी गो-तस्करी, चंदौली पुलिस की गिरफ्त में आया शातिर आरोपी अभयलाल

चंदौली की धीना पुलिस ने गोवध मामले में फरार चल रहे आरोपी अभयलाल बिंद को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वे लोग चंदौली से गोवंशों को बिहार और फिर वहां से पश्चिम बंगाल वध के लिए भेजकर मोटा मुनाफा कमाते थे।

 
 

धीना पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गो-तस्करी का वांटेड अभियुक्त गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल भेजा जाता था गोवंश

शादी के खर्च का दिया लालच

पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता

चंदौली जनपद की धीना थाना पुलिस टीम को अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम के मामले में काफी समय से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस के सामने तस्करी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

पाण्डेयपुर मेढान से हुई गिरफ्तारी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर धीना थाना के प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में सक्रिय थी। इसी दौरान टीम ने गोवध मामले में वांछित चल रहे आरोपी अभयलाल बिंद को पाण्डेयपुर मेढान के पास से घेराबंदी करके दबोच लिया। आरोपी अभयलाल धीना थाना क्षेत्र के बहेरी गांव का रहने वाला है और उसकी उम्र 24 साल है।

क्या था पूरा मामला?
दरअसल, बीते 9 अप्रैल 2026 को पुलिस ने महुजी चौकी के बघरी मस्जिद के पास से एक नीले रंग के मैजिक लोडर वाहन को पकड़ा था। इस गाड़ी में वध के लिए एक गोवंश लादकर बिहार ले जाया जा रहा था। मौके से पुलिस ने चालक नीरज को गिरफ्तार किया था, जबकि अभयलाल बिंद वहां से भागने में सफल रहा था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

शादी के खर्च का दिया था लालच
पूछताछ के दौरान आरोपी अभयलाल बिंद ने बताया कि पकड़ी गई मैजिक गाड़ी उसकी मामी धर्मावती के नाम पर है। उसने अपने मामा धर्मराज बिंद और नीरज के साथ मिलकर इस तस्करी की योजना बनाई थी। अभयलाल ने नीरज को लालच दिया था कि उसके बड़े पिताजी की लड़की की शादी में जो भी खर्चा आएगा, वह उसे पूरा कर देगा। उसने नीरज से गाड़ी लेकर जमानिया की तरफ चलने को कहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही पकड़ लिया।

बंगाल तक जुड़ा है तस्करी का नेटवर्क
अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि वे लोग चंदौली और आसपास के इलाकों से एक-एक करके गोवंशों को जुटाते हैं और उन्हें बिहार ले जाकर इकट्ठा करते हैं। जब बिहार में अच्छी-खासी संख्या में गोवंश जमा हो जाते हैं, तो उन्हें बड़ी गाड़ियों में लादकर वध के लिए पंडुआ (पश्चिम बंगाल) भेज दिया जाता है। वहां गोवंशों को बेचने पर उन्हें बहुत मोटा आर्थिक मुनाफा होता था।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली टीम में धीना थाना के प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक तेजबीर सिंह, कांस्टेबल गुलाब चंद, महिला कांस्टेबल आकांक्षा सिंह और महिला कांस्टेबल सोनी पटेल शामिल रहीं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

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