चंदौली में अजब तस्करी: ट्रक में लोहे का 'गुप्त केबिन' बनाकर छिपाई थी 58 लाख की शराब, लकड़ी के बुरादे से छिपा रहे थे गंध, 2 गिरफ्तार
चंदौली पुलिस ने नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक से करीब 58 लाख रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्करों ने शराब छिपाने के लिए ट्रक में लोहे का सीक्रेट केबिन बना रखा था।
ट्रक में बने लोहे के गुप्त केबिन से खुली पोल
पंजाब से बिहार ले जाई जा रही थी शराब की बड़ी खेप
663 पेटी में 5900 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद
गुजरात के रहने वाले दो शातिर तस्कर गिरफ्तार
चंदौली पुलिस और सर्विलांस टीम की बड़ी कामयाबी
चंदौली जिले में पुलिस और सर्विलांस टीम को शराब तस्करों के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नवीन मंडी समिति गेट के पास चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान एक ट्रक से करीब 58 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह शराब पंजाब से लोड होकर बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में गुजरात के रहने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो ट्रक में बेहद शातिराना तरीके से शराब छिपाकर ले जा रहे थे।

ट्रक के अंदर मिला लोहे का 'सीक्रेट केबिन'
पुलिस के मुताबिक, 25 जून को सर्विलांस टीम को इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल साक्ष्यों से शराब तस्करी की पक्की सूचना मिली थी। इसके बाद नवीन मंडी समिति गेट के पास वाराणसी-बिहार राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की सघन चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक (नंबर JH16K6822) को रोककर जब पूछताछ की गई, तो ड्राइवर और उसके साथी ने बताया कि गाड़ी में लकड़ी का बुरादा लदा है। हालांकि, पुलिस को उनकी बातों पर शक हुआ। जब ट्रक की गहराई से तलाशी ली गई, तो उसके अंदर विशेष रूप से तैयार किया गया लोहे का एक गुप्त केबिन मिला, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

आवाज और गंध दबाने के लिए भरा था बुरादा
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गजब का दिमाग लगाया था। उन्होंने लोहे के सीक्रेट केबिन के चारों तरफ लकड़ी का बुरादा भर रखा था। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि शराब की गंध बाहर न आ सके और गाड़ी चलने पर बोतलों के टकराने की आवाज भी किसी को सुनाई न दे। जब पुलिस ने उस गुप्त केबिन को खुलवाया, तो उसमें अलग-अलग नामी ब्रांड की कुल 663 पेटियां (करीब 5,898.600 लीटर) अवैध अंग्रेजी शराब ठसाठस भरी हुई मिली।
हर चक्कर पर मिलता था 50 हजार का लालच
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान 42 वर्षीय हितेश (पुत्र रामबाई देसाई) और 26 वर्षीय उमेश (पुत्र अर्जुन भाई परमार) के रूप में हुई है। यह दोनों आरोपी अहमदाबाद, गुजरात के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पंजाब से कम दामों में शराब लाकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचने जा रहे थे। इस काम के लिए उन्हें हर चक्कर (खेप) पहुंचाने पर 50 हजार रुपये फिक्स मिलते थे और साथ ही शराब की बिक्री पर दो प्रतिशत का अलग से कमीशन दिया जाता था।
पुलिस कप्तान ने कहा- जारी रहेगा अभियान
इस शानदार कामयाबी पर चंदौली के पुलिस अधीक्षक (SP) आकाश पटेल ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ चंदौली पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि तस्करों से पूछताछ में कुछ बेहद अहम सुराग और तथ्य हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है ताकि जिले में अवैध शराब की तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली चंदौली में आबकारी अधिनियम की धारा 60 और 63 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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