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ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 21 एटीएम कार्ड के साथ शातिर ठग गिरफ्तार

चंदौली की मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 21 डेबिट कार्ड, 4 मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

 
 

चंदौली में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़

21 डेबिट कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद

बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला आरोपी

ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करते थे ठगी

चंदौली जिले की मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन गेमिंग और पैसे दोगुना करने का लालच देकर देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को मुगलसराय स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।

एटीएम से पैसे निकालते समय पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
जानकारी के अनुसार, मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह और साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग के नेतृत्व में पुलिस टीम मुगलसराय रेलवे स्टेशन के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों और म्यूल (किराए के) बैंक खातों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एक युवक स्टेशन के पास स्थित विभिन्न एटीएम से बार-बार पैसे निकालने की कोशिश कर रहा है और उसके पास कई लोगों के एटीएम कार्ड हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग के पास घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को धर दबोचा।

बिहार का रहने वाला है पकड़ा गया शातिर ठग
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अभियुक्त ने अपना नाम अंकित कुमार (पुत्र जशवंत सिंह), निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जनपद औरंगाबाद (बिहार) बताया। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से 21 विभिन्न बैंकों के डेबिट/एटीएम कार्ड, 2 बैंक पासबुक, 4 मोबाइल फोन, 1 कूटरचित फर्जी आधार कार्ड, 4 खाली सिम पैकेट, 1 चालू वोडाफोन सिम और ₹1200 नकद बरामद हुए।

10 राज्यों की साइबर शिकायतों से जुड़े हैं तार
पुलिस ने जब बरामद दोनों बैंक खातों की जांच राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर की, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। इन खातों पर महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा सहित कई राज्यों से कुल 10 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज पाई गईं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने और एटीएम से नकदी निकालने के लिए किया जा रहा था।

मोबाइल से मिले कई व्हाट्सएप ग्रुप और ठगी की ट्रेनिंग वाले वीडियो
डिजिटल जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के कई रिकॉर्ड, 6 एक्टिव व्हाट्सएप ग्रुप और 2 ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म मिले हैं। इसके अलावा मोबाइल में एक ऐसा वीडियो भी पाया गया है, जिसमें आरोपी अपने साथियों को सिखा रहा था कि साइबर ठगी का पैसा म्यूल खातों के जरिए सुरक्षित तरीके से कैसे निकाला जाता है।

पैसे दोगुना करने का लालच देकर करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपी अंकित कुमार ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे और पैसे दोगुना करने का लालच देता था। जब लोग झांसे में आकर निवेश करते थे, तो उस पैसे को दूसरों के नाम पर खरीदे गए म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिया जाता था। इसके बाद देश के अलग-अलग शहरों के एटीएम से पैसे निकालकर आपस में बांट लेते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करता था।

मामला दर्ज, गिरोह के दूसरे सदस्य की तलाश जारी
इस मामले में मुगलसराय थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या- 380/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 339 और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम अब गिरोह के दूसरे वांछित आरोपी की तलाश में जुट गई है। इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, उपनिरीक्षक सुरेश चन्द्र पाण्डेय, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार सिंह, कांस्टेबल राहुल यादव और कांस्टेबल दिनेश यादव शामिल रहे।

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