जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

ऑपरेशन कन्विक्शन का असर : 22 साल बाद 4 पशु तस्करों को मिली कोर्ट से सजा

लगभग 23 साल की सुनवाई के बाद शुक्रवार को न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि (करीब 2 माह) और न्यायालय उठने तक की सजा से दंडित किया।
 

ऑपरेशन कन्विक्शन में बड़ी सफलता

मुगलसराय थाने के पुराने केस में फैसला

4 अभियुक्तों को न्यायालय से सजा

दो माह जेल व न्यायालय उठने तक की सजा

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चंदौली जनपद में एक और सफलता हाथ लगी है। मा0 न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री इन्दूरानी (सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम) ने शुक्रवार को 22 साल पुराने एक मुकदमे में फैसला सुनाते हुए चार अभियुक्तों को सजा सुनाई।

क्या है मामला

मामला थाना मुगलसराय का है। 22 अगस्त 2002 को गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा अपराध संख्या 331/2002 दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में दीपक विश्वकर्मा, राजू कश्यप, अजय यादव और जिउत चौहान नामक चार अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

अदालत का फैसला

लगभग 23 साल की सुनवाई के बाद शुक्रवार को न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि (करीब 2 माह) और न्यायालय उठने तक की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही प्रत्येक अभियुक्त पर ₹3000 का अर्थदंड लगाया गया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड न चुकाने पर अभियुक्तों को 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस व अभियोजन की भूमिका

इस मुकदमे में दोष सिद्ध कराने के लिए मानिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, सहायक अभियोजन अधिकारी विपिन कुमार और थाना मुगलसराय के पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश राय ने प्रभावी पैरवी की। वहीं, वैज्ञानिक विवेचना और अचूक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत को संतुष्ट किया।

पुलिस की सख्ती

पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे ने बताया कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत जनपद में अपराधियों को उनके अपराध की सजा दिलाने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य कानून का भय कायम करना और न्याय सुनिश्चित करना है।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*