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'ऑपरेशन कन्विक्शन' का असर: पशु-तस्करी और सड़क हादसे के 3 मामलों में अपराधियों को मिली सजा

चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की दमदार पैरवी रंग लाई है। न्यायालय ने गोतस्करी और सड़क दुर्घटना के तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा और अर्थदंड सुनाया है।

 
 

चंदौली में ऑपरेशन कन्विक्शन का असर

तीन अलग-अलग मामलों में मिली सजा

गोतस्करी के दो आरोपी ठहराए गए दोषी

सड़क हादसे के आरोपी को भी सजा

पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी

चंदौली जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई वैज्ञानिक विवेचना, सटीक साक्ष्य संकलन और अदालत में बेहद प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने तीन अलग-अलग मुकदमों में आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई है। इन मामलों में गोतस्करी (पशु क्रूरता) और सड़क दुर्घटना जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं, जिन पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

सैयदराजा पुलिस की पैरवी: गोतस्करी के मुकदमे में पहली सजा
पहला मामला चंदौली के थाना सैयदराजा से जुड़ा हुआ है। यहां पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) 39/2001, जो कि धारा 3/5ए/8 गो-निवारण निवारण अधिनियम और 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत दर्ज था, में न्यायालय ने अंतिम फैसला सुनाया है। इस मामले में माननीय न्यायालय (सिविल जज (जूनियर डिवीजन) / न्यायिक मजिस्ट्रेट, जनपद चन्दौली) ने अभियुक्त अमरनाथ कुशवाहा को दोषी करार दिया है। अमरनाथ कुशवाहा, जो कि सैयदराजा जनपद चंदौली के ही भतीजा थाने का रहने वाला है, को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि अभियुक्त इस अर्थदंड को समय पर जमा नहीं करता है, तो उसे 07 दिनों का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

मुगलसराय पुलिस की कार्रवाई: सड़क हादसे के आरोपी को दंड
अभियान के तहत दूसरा मामला थाना मुगलसराय से संबंधित है। वर्ष 2002 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 346/2002 के तहत आरोपी पर भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 279, 337 और 338 के तहत लापरवाही से वाहन चलाने और लोगों को चोट पहुंचाने का केस चल रहा था। इस मामले में अभियुक्त जसीमुद्दीन, जो हजारीबाग जनपद के थाना चौपास अंतर्गत ग्राम उराव का निवासी है, को कोर्ट ने दोषी पाया। माननीय न्यायालय ने आरोपी जसीमुद्दीन को भी जेल में बिताई गई समय अवधि के कारावास की सजा और 2000 रुपये के नकद अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे भी 07 दिनों की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

सैयदराजा का दूसरा मामला: कौशाम्बी के तस्कर को जेल
इसी अभियान के अंतर्गत तीसरा फैसला भी थाना सैयदराजा के ही एक अन्य पुराने मामले में आया है। वर्ष 2004 में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 80/2004 के तहत धारा 3/5ए/8 गो-निवारण अधिनियम और 11 पशु क्रूरता अधिनियम में पुलिस ने प्रभावी साक्ष्य पेश किए थे। इस केस में माननीय न्यायालय ने अभियुक्त अच्छे लाल को दोषी ठहराया है। अच्छे लाल कौशाम्बी जनपद के थाना कोखराज अंतर्गत ग्राम नन्दमई का रहने वाला है। न्यायालय ने उसे दोषसिद्ध पाते हुए जेल में बिताई गई अवधि के कारावास की सजा और 3000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी है। अर्थदंड न देने पर उसे भी 07 दिन अतिरिक्त जेल में गुजारने होंगे।

पुलिस टीम और अभियोजन अधिकारी की हुई सराहना
इन तीनों ही महत्वपूर्ण मामलों में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में पुलिस महकमे के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन अधिकारी (एपीओ) श्री विपिन कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही। सैयदराजा और मुगलसराय थाना पुलिस के अधिकारियों द्वारा समय पर गवाहों को पेश करने, वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए सबूतों को कोर्ट के सामने रखने के चलते ही सालों पुराने इन मामलों में न्याय सुनिश्चित हो सका है। जिला पुलिस प्रशासन का कहना है कि "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत अपराधियों को सजा दिलाने का यह सिलसिला आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।

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