दवा व्यापारी रोहिताश पाल की हत्या के पीछे 'जमीन विवाद', 3 साजिशकर्ता गिरफ्तार, असली शूटर अब भी फरार
चंदौली के दवा व्यवसायी रोहितास ल हत्याकांड का मुगलसराय पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या के पीछे जमीन विवाद मुख्य कारण बताया गया है। साजिशकर्ता भानु जायसवाल सहित 3 अभियुक्त गिरफ्तार, लेकिन हत्या को अंजाम देने वाले शूटर अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
चंदौली जिले के मुगलसराय पुलिस में हत्याकांड
चर्चित रोहिताश पाल हत्याकांड का किया खुलासा
फर्जी वरासत की जमीन के कारण रची गई थी हत्या की साजिश
रोहिताश पाल की हत्या के 3 साजिशकर्ता गिरफ्तार
हत्या करने वाले मेन शूटर अब भी फरार
चंदौली जिले के मुगलसराय कस्बे के दवा व्यवसायी रोहिताश पाल की चर्चित हत्या का मुगलसराय पुलिस, एसओजी एवं स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सफल अनावरण कर दिया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के कुशल निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में हत्या की पूरी साजिश सामने आ गई है, हालांकि हत्या को अंजाम देने वाले शूटर अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल मुख्य साजिशकर्ता भानु जायसवाल सहित कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें ओम प्रकाश जायसवाल और मनोज जायसवाल भी शामिल हैं। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जमीन विवाद बना हत्या का कारण
पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रोहिताश पाल की हत्या के पीछे का मुख्य कारण जमीन विवाद था। बताया गया कि यह विवाद कन्हैया टॉकीज के पास स्थित एक कीमती भूमि से जुड़ा हुआ था। जांच में सामने आया कि मृतक रोहिताश पाल के दादा की दूसरी पत्नी की बेटी ने इस जमीन को फर्जी तरीके से अपनी वरासत (उत्तराधिकार) दिखाकर गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों को बेच दिया था। रोहिताश पाल इस अवैध रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए न्यायालय में वाद दायर कर रहे थे, जिससे नाराज़ होकर अभियुक्तों ने जमीन के विवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से रोहितास पाल की हत्या की साजिश रची।
18 नवंबर की रात हुई थी घटना
यह दुखद घटना 18 नवंबर की रात को हुई, जब अभियुक्तों ने योजनाबद्ध तरीके से रोहिताश पाल को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करा दिया। घायल रोहितास पाल को परिजन इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई फिरेंद्र पाल की तहरीर पर थाना मुगलसराय में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस चर्चित हत्याकांड ने स्थानीय व्यापारियों और जनता में भारी रोष पैदा कर दिया था, जिसके बाद पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव था।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता
पुलिस ने इस हत्याकांड के खुलासे में तकनीकी साक्ष्यों को बेहद अहम बताया। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने लगभग 300 सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की। इसके साथ ही, सर्विलांस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के आधार पर साजिशकर्ताओं की पहचान सुनिश्चित की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि मुख्य आरोपी भानु जायसवाल ने ही अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की पूरी योजना बनाई थी।
फिलहाल, पुलिस ने तीन मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या को अंजाम देने वाले फरार शूटरों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने जल्द ही शेष अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लेने का आश्वासन दिया है।
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