शहाबगंज में खूनी संघर्ष करने वाले जा रहे जेल, तलवार और छुरे से किया था जानलेवा हमला, पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा
चंदौली के शहाबगंज थाना क्षेत्र के पखनपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से हमले में इस्तेमाल की गई तलवार और छूरा बरामद कर लिया है।
पखनपुरा गांव में पुरानी दुश्मनी को लेकर हुआ था विवाद
धारदार हथियारों से हमला कर युवक को किया था गंभीर घायल
गोपाई माइनर यात्री प्रतीक्षालय के पास से हुई गिरफ्तारी
आरोपियों की निशानदेही पर तलवार और छूरा बरामद
शहाबगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों को भेजा जेल
चंदौली जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पखनपुरा (तकिया) गांव में बीते 26 जून 2026 को पुरानी दुश्मनी को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले तौहीद के बेटे सरवरे आलम का विवाद दूसरे पक्ष के जफीर अहमद, अब्दुलवारी और जिशान अहमद के साथ हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने धारदार हथियारों से लैस होकर सरवरे आलम पर जानलेवा हमला बोल दिया।
शहाबगंज थाने के पखनपुरा गांव में पुरानी दुश्मनी को लेकर हुआ था विवाद
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 28, 2026
धारदार हथियारों से हमला कर युवक को किया था गंभीर घायल
गोपाई माइनर यात्री प्रतीक्षालय के पास से हुई गिरफ्तारी@shahabganjcdi @Uppolice @chandaulipolice pic.twitter.com/JRWL1fEC5q
तलवार और छुरे से किया था हमला
इस हिंसक झड़प के दौरान हमलावरों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने सरवरे आलम पर तलवार और छुरे से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर शहाबगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई थी।
गोपाई माइनर के पास से दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। रविवार, 28 जून 2026 को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर शहाबगंज पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और गोपाई माइनर पर बने यात्री प्रतीक्षालय (पैसेंजर शेड) के पास से घेराबंदी करके घटना में शामिल दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।
हमले में प्रयुक्त हथियार भी बरामद
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 49 वर्षीय अब्दुलवारी (पुत्र स्व० बेचन शाह) और 23 वर्षीय जिशान आलम (पुत्र जफीर अहमद) के रूप में हुई है, जो इसी गांव के रहने वाले हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि सरवरे आलम और अब्दुल हकीम से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की, तो इनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक चमचमाती तलवार और एक तीखा छूरा भी बरामद कर लिया गया।
इस त्वरित और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष कृपेन्द्र प्रताप सिंह के साथ उपनिरीक्षक राजेन्द्र नाथ सिंह, हेड कांस्टेबल महेश प्रताप सिंह और कांस्टेबल रविरंजन यादव शामिल रहे। शहाबगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी और वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले के अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
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