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चंदौली पुलिस और नोएडा STF ने ₹50,000 का इनामी अंतरराज्यीय पशु-तस्कर को प्रतापगढ़ से दबोचा

चंदौली पुलिस और एसटीएफ नोएडा की संयुक्त टीम ने ₹50,000 के इनामी गोतस्कर राजदेव शर्मा को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार किया है। अभियुक्त उत्तर प्रदेश से बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैले संगठित गोतस्करी गिरोह का मुख्य सदस्य और वाहन स्वामी है।

 
 

एसटीएफ और चंदौली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

पचास हजार का इनामी गोतस्कर गिरफ्तार हुआ

प्रतापगढ़ के अहमदगंज फ्लाई ओवर से गिरफ्तारी

बिहार और बंगाल तक जुड़ा था नेटवर्क

पूर्व में बरामद हुए थे 22 गोवंश

उत्तर प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों के समूल नाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चंदौली पुलिस और एसटीएफ (STF) फील्ड यूनिट गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से एक सुनियोजित घेराबंदी करते हुए ₹50,000 के घोषित पुरस्कार वाले शातिर वांछित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान राजदेव शर्मा (पुत्र रामसमुझ शर्मा) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जनपद प्रतापगढ़ के थाना जेठवारा अंतर्गत पद्मनातपुर का निवासी है।

जानिए क्या था पूरा मामला और गोतस्करी का नेटवर्क
इस पूरे मामले की शुरुआत 31 जनवरी 2024 को हुई थी, जब चंदौली कोतवाली पुलिस की टीम ने 'बड़े साहब के ढाबे' और 'नवीन मण्डी चन्दौली' के समीप सर्विस लेन पर घेराबंदी की थी। पुलिस ने मौके से एक डीसीएम (DCM) वाहन को पकड़ा था, जिसमें बेहद क्रूरतापूर्वक लादकर ले जाए जा रहे कुल 22 जीवित गोवंश (बैल) बरामद किए गए थे, जबकि 3 गोवंश मृत अवस्था में मिले थे। उस समय पुलिस ने मौके से वाहन चालक धर्मेंद्र यादव और जयप्रकाश उर्फ करिया (दोनों निवासी ग्राम बरौत, थाना हंडिया, जिला प्रयागराज) को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया था कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से वध हेतु गोवंशों को इकट्ठा करते हैं और उन्हें मिर्जापुर के लालगंज दरगाह रोड (टेगरा मोड़) के रास्ते बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल की मंडियों में सप्लाई करते हैं।

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डीआईजी ने बढ़ाया था इनाम
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद चंदौली कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 27/2024 के तहत गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5A/5B/8, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 और भारतीय दंड विधान की धारा 419, 420 व 429 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान इस बात का पता चला कि गिरफ्तार की गई डीसीएम गाड़ी का असली मालिक राजदेव शर्मा है, जो इस पूरे अवैध कारोबार की मुख्य कड़ी था। इसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 फरवरी 2026 को वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) श्री वैभव कृष्ण द्वारा इस अपराधी पर इनाम की राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया था।

अहमदगंज फ्लाई ओवर से हुई गिरफ्तारी
शातिर अपराधी राजदेव शर्मा की तलाश में जुटी एसटीएफ फील्ड यूनिट नोएडा के उपनिरीक्षक अक्षय त्यागी की टीम और चंदौली कोतवाली के उपनिरीक्षक तरुण कुमार कश्यप, कांस्टेबल प्रीयेश कुमार यादव व हेड कांस्टेबल रामदयाल यादव की संयुक्त टीम को मुखबिर के जरिए एक सटीक सूचना प्राप्त हुई। इस सूचना पर तत्काल त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और अभियुक्त राजदेव शर्मा को उसके गृह जनपद प्रतापगढ़ के थाना जेठवारा क्षेत्र अंतर्गत अहमदगंज फ्लाई ओवर के पास से समय करीब दोपहर 13:00 बजे धर दबोचा। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की कुंडली खंगाल रही है।

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