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आज भूलकर भी न करें पूर्व दिशा में यात्रा! जानें 10 अक्टूबर का राहुकाल, शुभ मुहूर्त और अमृतकाल

10 अक्टूबर 2026 को आश्विन अमावस्या के दिन सर्वार्थ सिद्धियों के योग बन रहे हैं। शुभ कामों के लिए अभिजीत और अमृतकाल का सही समय जानें और राहुकाल व दिशाशूल के दौरान सावधानी बरतें।
 

10 अक्टूबर का संपूर्ण दैनिक पंचांग

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से

राहुकाल और गुलिक काल का समय

सूर्य का हस्त नक्षत्र में प्रवेश

पूर्व दिशा में रहेगा आज दिशाशूल

हिंदू धर्म और वैदिक संस्कृति में पंचांग का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। किसी भी नए काम की शुरुआत, मांगलिक अनुष्ठान, यात्रा, वित्तीय निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना बेहद जरूरी होता है। पंचांग हमारी प्राचीन काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की सटीक स्थिति पर आधारित होती है।

तिथि, नक्षत्र और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रात 9:19 बजे तक बनी रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा तिथि की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन सुबह 6:25 बजे सूर्योदय होगा और शाम 6:02 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, चंद्रोदय का समय सुबह 5:51 बजे और चंद्रास्त का समय शाम 5:44 बजे रहेगा।

हस्त नक्षत्र और सूर्य के गोचर का प्रभाव
पंचांग की गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य देव हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है। चंद्रमा और सूर्य के बीच मित्रता का भाव होने के कारण हस्त नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन, कार्यशैली और स्वभाव पर बहुत गहरा प्रभाव डालता है।

ऐंद्र (इंद्र) योग का राजसी प्रभाव
शनिवार को रात 10:02 बजे तक ऐंद्र (इंद्र) योग रहेगा। ज्योतिषशास्त्र के 27 नित्य योगों में 26वें स्थान पर आने वाले इस योग को बेहद शुभ, प्रभावशाली और राजसी माना जाता है। यह योग व्यक्ति को देवराज इंद्र के समान नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान, ऐश्वर्य और उच्च पद प्रदान करने वाला माना गया है।

शुभ कार्य के लिए अभिजीत और अमृतकाल मुहूर्त
इस दिन शुभ काम करने के लिए दिन का सबसे उत्तम समय 'अभिजीत मुहूर्त' रहेगा, जो सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए कामों के सभी दोष अपने आप समाप्त हो जाते हैं। इसके अलावा दोपहर 3:35 बजे से शाम 5:13 बजे तक 'अमृतकाल' रहेगा, जो नए व्यापार, निवेश और पूजा-पाठ के लिए सर्वोत्तम है।

इन अशुभ समय में नया काम शुरू करने से बचें
दिन के दौरान कुछ अशुभ समय भी रहेंगे जिनमें नया काम शुरू नहीं करना चाहिए:
राहुकाल: सुबह 9:19 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। इस दौरान नया काम टालें।
गुलिक काल: सुबह 6:25 बजे से 7:52 बजे तक रहेगा। हालांकि इसमें बैंक में पैसे जमा करना या दान देना शुभ माना जाता है।
यमगंड काल: दोपहर 1:40 बजे से 3:08 बजे तक रहेगा। इस दौरान यात्रा और धन के लेनदेन से बचें।

ग्रहों की स्थिति और दिशाशूल का रखें ध्यान
10 अक्टूबर को सूर्य और चंद्रमा दोनों ही कन्या राशि में संचार करेंगे। कन्या राशि का स्वामी बुध होने से यह स्थिति लोगों को व्यावहारिक, विश्लेषणात्मक और अनुशासित होकर काम करने की प्रेरणा देगी। इसके अलावा, शनिवार को पूर्व दिशा में 'दिशाशूल' रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।

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