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सावन शिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग, 11 अगस्त को महादेव की पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

11 अगस्त 2026 को सावन महीने की शिवरात्रि का पावन पर्व है। इस दिन महादेव की पूजा का विशेष महत्व है। जानिए पूरे दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अमृत काल का सही समय, ताकि आपकी पूजा सफल हो।

 
 

सावन शिवरात्रि पर विशेष पूजा का फल

सुबह 7:58 से अमृत काल की शुरुआत

दोपहर 12:06 से रहेगा अभिजित मुहूर्त

शाम 6:51 बजे तक रहेगा सिद्धि योग

राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचें

सनातन परंपरा में पंचांग का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। कोई भी नया काम शुरू करना हो, यात्रा पर निकलना हो, बड़ा निवेश करना हो या फिर पूजा-पाठ करनी हो, लोग सबसे पहले पंचांग ही देखते हैं। पंचांग हमारी प्राचीन काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की चाल पर आधारित होती है।

सावन शिवरात्रि पर महादेव की पूजा का विशेष फल
11 अगस्त 2026 (मंगलवार) का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है। इस दिन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रात 01:53 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या लग जाएगी। इस दिन सावन महीने की शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। मंगलवार को विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

सूर्य-चंद्रमा और नक्षत्रों की स्थिति
मंगलवार को सुबह 6:05 बजे सूर्योदय होगा और शाम 6:58 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, चंद्रोदय सुबह 4:10 बजे और चंद्रास्त शाम 6:07 बजे होगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। वहीं चंद्रमा सुबह 10:09 बजे तक पुनर्वासु नक्षत्र में रहने के बाद पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे।

दिन के सबसे शुभ मुहूर्त और योग
11 अगस्त को शाम 6:51 बजे तक सिद्धि योग रहेगा, जिसके बाद व्यतिपात योग शुरू होगा। दिन का सबसे शुभ समय यानी अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:57 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अमृत काल सुबह 7:58 बजे से 9:25 बजे तक रहेगा। इस दौरान महादेव की आराधना करना बहुत फलदायी माना जाता है।

राहुकाल और वर्जित समय का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ खास समय में नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। 11 अगस्त को राहुकाल दोपहर 3:45 बजे से 5:22 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 9:18 से 10:55 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 12:32 से 2:08 बजे तक रहेगा। इन समयों को शुभ कामों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।

ग्रहों की राशि और यात्रा की दिशा
मंगलवार को सूर्य और चंद्रमा दोनों ही कर्क राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। इसलिए उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश इस दिशा में यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर ही घर से निकलना श्रेयस्कर रहेगा।

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