ललिता पंचमी 2026: जानिए देवी त्रिपुर सुंदरी की पूजा का उत्तम समय, राहुकाल और दिशाशूल
15 अक्टूबर को ललिता पंचमी का पावन पर्व
देवी ललिता त्रिपुर सुंदरी की विशेष पूजा
सुबह 11:49 से अभिजीत मुहूर्त की शुरुआत
दोपहर 1:38 से 3:05 तक रहेगा राहुकाल
गुरुवार को दक्षिण दिशा में रहेगा दिशाशूल
हिंदू सनातन परंपरा में पंचांग का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत, पूजा-पाठ, मांगलिक अनुष्ठान, यात्रा या नया निवेश करने से पहले पंचांग देखना बेहद मंगलकारी माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का सटीक ज्ञान प्राप्त करते हैं। पंचांग के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस दिन ललिता पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
ललिता पंचमी पर देवी त्रिपुर सुंदरी की पूजा
नवरात्रि के दौरान पड़ने वाली यह पंचमी तिथि धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी मानी जाती है। ललिता पंचमी के दिन देवी ललिता त्रिपुर सुंदरी की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन मां ललिता की भक्तिभाव से आराधना करने से साधक को सुख, समृद्धि, शांति और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर माता रानी का ध्यान करते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त और नक्षत्र की स्थिति
15 अक्टूबर को शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल का समय रात 8 बजकर 58 मिनट से रात 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 4 बजकर 3 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 16 अक्टूबर की सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा सौभाग्य योग रात 8 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद शोभन योग शुरू हो जाएगा।
सूर्य-चंद्र गोचर, करण और समय सारणी
15 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 57 मिनट पर होगा। दिन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। चंद्रोदय सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर और चंद्रास्त रात 9 बजकर 10 मिनट पर होगा। ग्रहों की स्थिति देखें तो चंद्रमा वृश्चिक राशि में और सूर्य कन्या राशि में विराजमान रहेगा। करण की बात करें तो बव करण दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद बालव करण शुरू होगा।
राहुकाल का समय और दिशाशूल का ध्यान रखें
शास्त्रों के अनुसार कोई भी नया या शुभ काम शुरू करने से पहले राहुकाल और अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। 15 अक्टूबर को राहुकाल दोपहर 1 बजकर 38 मिनट से दोपहर 3 बजकर 5 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड काल सुबह 6 बजकर 27 मिनट से 7 बजकर 53 मिनट तक और कुलिक काल सुबह 9 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गुरुवार होने के कारण दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचें।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







