जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलChandauliSamachar_Logo

ऐसा होगा सोमवार का दिन, चित्रा नक्षत्र में सूर्य देव का विशेष प्रभाव, अमृतकाल में करें ऐसे शुभ काम

19 अक्टूबर का पंचांग देखें। जानें अभिजीत मुहूर्त, अमृतकाल और राहुकाल का सटीक समय। शुभ कार्यों, यात्रा और निवेश की शुरुआत के लिए कौन सा समय रहेगा सबसे उत्तम, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
 

19 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त और अमृतकाल

चित्रा नक्षत्र में सूर्य देव का विशेष प्रभाव

धृति योग में नए काम की शुरुआत शुभ

राहुकाल और यमगंड काल में रखें सावधानी

मकर राशि में चंद्रमा और तुला में सूर्य

हिंदू धर्म में पंचांग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसी भी शुभ काम, पूजा-पाठ, निवेश या यात्रा से पहले सही मुहूर्त और तिथि देखना बहुत जरूरी होता है। 19 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि सुबह 10:52 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि की शुरुआत होगी। सोमवार को सूर्योदय सुबह 6:29 बजे और सूर्यास्त शाम 5:54 बजे होगा। वहीं चंद्रोदय दोपहर 1:39 बजे और चंद्रास्त रात 12:45 बजे होगा।

सूर्य का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश और उसका प्रभाव
पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे। चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का परम मित्र माना जाता है। जब सूर्य इस नक्षत्र में आते हैं, तो व्यक्ति के अंदर ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। नौकरीपेशा लोगों के काम की सराहना उनके अधिकारी करते हैं। विशेष रूप से प्रशासन और उच्च पदों पर बैठे लोगों को नए अधिकार, पद-प्रतिष्ठा या प्रमोशन मिलने के बेहतर अवसर बनते हैं।

धृति योग: दीर्घकालिक निवेश और नए कार्यों के लिए उत्तम
सोमवार को रात 12:34 बजे तक धृति योग रहेगा, जो 27 नित्य योगों में से आठवां शुभ योग है। इस योग के देवता वरुण देव यानी जल हैं। धृति योग में शुरू किए गए कार्य लंबे समय तक टिकते हैं और सफलता देते हैं। यदि आप कोई नई दुकान खोलना चाहते हैं, नए व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं, या मकान की नींव रखना चाहते हैं, तो यह योग सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसमें किया गया निवेश भी शुभ फल देता है।

दिन के सबसे शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त और अमृतकाल
दिन में शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त और अमृतकाल सबसे बेहतर माने जाते हैं। 19 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। इस 48 मिनट के समय में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं। इसके अलावा, सुबह 8:28 बजे से 10:16 बजे तक अमृतकाल रहेगा। यह समय नए काम शुरू करने, खरीदारी करने और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए बहुत ही फलदायी माना जाता है।

अशुभ समय से रहें सावधान: राहुकाल और यमगंड काल
किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए दिन के कुछ समय बहुत अशुभ माने गए हैं। सोमवार को राहुकाल सुबह 7:55 बजे से 9:20 बजे तक रहेगा। वहीं यमगंड काल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। इन दोनों समयावधियों में कोई भी नया कार्य, बड़ा वित्तीय सौदा या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। हालांकि, जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें इस समय के दौरान जारी रखा जा सकता है।

गुलिक काल, ग्रहों की स्थिति और दिशाशूल की जानकारी
दोपहर 1:37 बजे से 3:03 बजे तक गुलिक काल रहेगा। इसमें नए काम की शुरुआत तो न करें, लेकिन बार-बार किए जाने वाले काम जैसे बैंक में पैसा जमा करना या दान देना शुभ रहता है। इस दिन सूर्य तुला राशि में (नीच स्थिति) रहकर बुध और शुक्र के साथ त्रिग्रही योग बनाएंगे। वहीं चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, जिससे लोग अपने कार्यों के प्रति व्यावहारिक और समर्पित रहेंगे। ध्यान दें कि सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा, इसलिए पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*