सावन की शुरुआत पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, भूलकर भी इस दिशा में न करें यात्रा
30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास की शुरुआत हो रही है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष फल मिलता है। दिन भर के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल की पूरी जानकारी के लिए पंचांग पढ़ें।
30 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत
दोपहर 12:07 से 12:59 तक अभिजित मुहूर्त
मकर राशि में विराजमान रहेंगे चंद्रमा
दोपहर 2:11 से राहुकाल का समय
दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें
हिंदू धर्म में किसी भी काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखना बेहद जरूरी माना जाता है। चाहे कोई शुभ काम हो, कोई यात्रा हो, निवेश करना हो या फिर पूजा-पाठ, पंचांग से समय देखकर काम करने पर सफलता मिलती है। पंचांग हमारी पारंपरिक काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की चाल पर आधारित होती है।
30 जुलाई 2026 को गुरुवार का दिन है और इस दिन से पावन श्रावण मास यानी सावन महीने की शुरुआत हो रही है। इस दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात 9:30 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि लग जाएगी। सावन के पहले ही दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करना बहुत ही फलदायी माना गया है।

सूर्य, चंद्रमा और नक्षत्रों की स्थिति
30 जुलाई को सुबह 6:00 बजे सूर्योदय होगा और शाम को 7:06 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं चंद्रोदय शाम को 7:48 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 7:15 बजे होगा। इस दिन ग्रहों की चाल भी विशेष योग बना रही है। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो सूर्यदेव पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। वहीं चंद्रमा शाम को 5:43 बजे तक श्रवण नक्षत्र में रहेंगे और उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इस दिन आयुष्मान योग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के लिए उत्तम है।
दिन का सबसे शुभ मुहूर्त
अगर आप इस दिन कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो शुभ समय का ध्यान जरूर रखें। दिन का सबसे पवित्र और शुभ माना जाने वाला अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से दोपहर 12:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह के समय भी एक बहुत अच्छा मुहूर्त बन रहा है। सुबह 6:24 बजे से सुबह 8:08 बजे तक अमृत काल रहेगा। इस समय में भी आप अपने धार्मिक कार्य या नए काम की शुरुआत बड़े ही आराम से कर सकते हैं।
राहुकाल और अशुभ समय से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ समय ऐसा भी होता है जब नए या शुभ काम करने से परहेज करना चाहिए। 30 जुलाई को दोपहर 2:11 बजे से दोपहर 3:49 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान कोई भी नया काम शुरू न करें। इसके साथ ही सुबह 9:17 बजे से 10:55 बजे तक गुलिक काल और सुबह 6:00 बजे से 7:38 बजे तक यमगंड काल रहेगा। इन समयों को पारंपरिक तौर पर शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण फैसलों को टालना ही बेहतर रहेगा।
ग्रह राशि और यात्रा से जुड़ी सावधानी
इस दिन सूर्यदेव कर्क राशि में रहेंगे, जबकि चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहता है। इसका मतलब है कि इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। अगर आपको किसी जरूरी काम से दक्षिण दिशा की तरफ जाना ही पड़े, तो सीधे निकलने से बचें। ज्योतिष में बताए गए कुछ खास और आसान उपायों को अपनाकर ही घर से बाहर निकलें, ताकि आपकी यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।
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