चमत्कारी हैं मोरपंख के ये ज्योतिष उपाय, दूर होंगे राहु-केतु के दोष और चमकेगी किस्मत
ज्योतिषशास्त्र में मोरपंख को बेहद पूजनीय और सभी नौ ग्रहों का प्रतिनिधि माना गया है। कुछ खास शुभ मुहूर्तों में मोरपंख के अचूक उपाय करने से राहु-केतु के दोष, आर्थिक तंगी और शत्रुओं की बाधा से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकती है।
मोरपंख में होता है नौ ग्रहों का वास
राहु-केतु और कालसर्प दोष से दिलाए मुक्ति
तिजोरी में रखने से होगी धन-वैभव की वृद्धि
बच्चों की जिद और नजरदोष करेगा पूरी तरह दूर
सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में मोरपंख को अत्यंत पवित्र और चमत्कारी माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार तो मोरपंख के बिना अधूरा ही माना जाता है, इसलिए वे इसे हमेशा अपने मुकुट पर धारण करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोरपंख का संबंध केवल कान्हा से ही नहीं, बल्कि संसार के सभी देवी-देवताओं और नौ ग्रहों से भी है।
शास्त्रों के अनुसार, मोरपंख में सभी नौ ग्रहों का वास होता है। प्राचीन काल में देवताओं ने एक मोर के माध्यम से ही 'संध्या' नाम के प्रतापी असुर का वध किया था। यही वजह है कि पक्षी शास्त्र में गरुड़ और मोर के पंखों को विशेष दर्जा दिया गया है। आइए जानते हैं कि मोरपंख के कुछ आसान और अचूक उपाय किस तरह आपके जीवन को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं।

राहु-केतु और कालसर्प दोष से मिलेगी मुक्ति
चूंकि मोर का मुख्य शत्रु सर्प है, इसलिए ज्योतिष में राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मोरपंख को सबसे अचूक माना गया है। जिन लोगों की कुंडली में राहु की स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें हमेशा अपने पास मोरपंख रखना चाहिए। वहीं, यदि कुंडली में कालसर्प दोष बन रहा हो, तो सोमवार की रात को अपने तकिए के कवर में 7 मोरपंख डालकर सोएं। इसके साथ ही अपने शयनकक्ष (बेडरूम) की पश्चिमी दीवार पर 11 मोरपंखों से बना एक पंखा लगा दें। इससे राहु-केतु का बुरा असर खत्म होगा और अच्छे ग्रह शुभ फल देने लगेंगे।
तिजोरी में इस तरह रखें मोरपंख, खिंची आएगी लक्ष्मी
यदि आपके जीवन में आर्थिक तंगी बनी रहती है या व्यापार में मनमुताबिक मुनाफा नहीं हो रहा है, तो मोरपंख का यह उपाय बेहद कारगर है। किसी पूजित मंदिर में जाकर श्रीराधा-कृष्ण के मुकुट पर पूरे आदर भाव से एक मोरपंख लगवा दें। इसके बाद ठीक 40वें दिन उस मोरपंख को वापस लाकर अपने घर की तिजोरी या लॉकर में स्थापित कर दें। ऐसा करने से धन-संपत्ति में लगातार वृद्धि होने लगती है और आपके जीवन के तमाम रुके हुए कार्य भी तेजी से बनने लगते हैं।
अचानक आने वाले संकटों और दुसाध्य रोगों का इलाज
मोरपंख केवल ज्योतिष ही नहीं बल्कि आयुर्वेद की दृष्टि से भी बहुत गुणकारी है। आयुर्वेद के अनुसार, मोरपंख की मदद से तपेदिक (टीबी), दमा, लकवा, नजला और बांझपन जैसी गंभीर और दुसाध्य बीमारियों का सफलतापूर्वक इलाज संभव है। इसके अलावा, यदि आपके जीवन में अचानक कोई बड़ी विपत्ति आ जाए, तो अपने घर या शयनकक्ष के अग्निकोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में मोरपंख लगाएं। इससे घर का वास्तु दोष ठीक होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
बच्चों की जिद और नजर दोष का परमानेंट इलाज
अक्सर देखा जाता है कि छोटे बच्चे बहुत जिद्दी हो जाते हैं या उन्हें बार-बार नजर लग जाती है। अगर आपका बच्चा भी बात-बात पर जिद करता है, तो उसे रोज मोरपंख से बने पंखे से हवा दें, या फिर घर के सीलिंग फैन की पंखुड़ियों पर मोरपंख चिपका दें। वहीं, नवजात शिशुओं को बुरी नजर और डरावने सपनों से बचाने के लिए चांदी के एक तावीज में छोटा सा मोरपंख भरकर बच्चे के सिरहाने रख दें। इससे बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
शत्रु भी छोड़कर शत्रुता, करने लगेगा मित्र जैसा व्यवहार
यदि कोई गुप्त या प्रत्यक्ष शत्रु आपको लंबे समय से परेशान कर रहा है, तो मंगलवार या शनिवार की रात को एक विशेष उपाय करें। मोर के पंख पर हनुमान जी के मस्तक का सिंदूर लेकर उस शत्रु का नाम लिखें। इस पंख को रातभर अपने घर के मंदिर में ही रहने दें। अगले दिन सुबह बिना नहाए-धोए उठकर इसे किसी बहते हुए साफ पानी में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से क्रूर से क्रूर शत्रु भी दुश्मनी भूलकर आपके प्रति मित्रवत व्यवहार करने लगता है। इस तरह मोरपंख आपके जीवन के सारे अमंगलों को दूर कर मंगलमय स्थितियां पैदा कर सकता है।
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