कालाष्टमी 2026: ज्येष्ठ मास की कृष्ण अष्टमी आज, जानें काल भैरव और श्रीकृष्ण की पूजा का महत्व और आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त
दोपहर 3:06 बजे तक रहेगी अष्टमी तिथि
अभिजीत और अमृत काल में करें शुभ कार्य
शाम 5:21 बजे से शुरू होगा राहुकाल
काल भैरव और श्रीकृष्ण की विशेष उपासना
धनिष्ठा नक्षत्र और ब्रह्म योग का संयोग
सनातन धर्म में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि इस बार रविवार को पड़ रही है, जिसे कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि भगवान शिव के रौद्र रूप 'काल भैरव' और भगवान 'श्रीकृष्ण' को समर्पित है। भक्त इस दिन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और संकटों के नाश के लिए व्रत रखते हैं।
तिथि और नक्षत्र का गणित
ज्योतिष गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि रविवार दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत नवमी तिथि का आगमन होगा। हालांकि, उदयातिथि की महत्ता के कारण पूरे दिन अष्टमी का ही मान रहेगा। नक्षत्रों की बात करें तो धनिष्ठा नक्षत्र देर रात 12 बजकर 50 मिनट तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू होगा। आज सूर्योदय सुबह 5:34 बजे और सूर्यास्त शाम 7:02 बजे होगा।
अमृत काल और शुभ मुहूर्त
किसी भी मांगलिक या नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का विचार आवश्यक है। आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, अमृत काल दोपहर 1 बजकर 49 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो निवेश या नए प्रोजेक्ट्स के लिए उत्तम है। शाम को गोधूलि मुहूर्त 7:00 बजे से 7:22 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:09 बजे से 4:51 बजे तक रहेगा, जो साधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
सावधान: इन अशुभ समयों का रखें ध्यान
शास्त्रों में राहुकाल और यमगंड जैसे समय में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है। आज राहुकाल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त, दोपहर 12:12 बजे से पंचक लग जाएगा, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। यमगंड काल दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक और दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।
आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व
कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और भय का नाश होता है। वहीं, मासिक कृष्ण अष्टमी होने के कारण कान्हा के भक्त उनके बाल रूप की सेवा करते हैं। पंचांग के अनुसार आज ब्रह्म योग पूरे दिन रहेगा, जो आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष फलदायी है।
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