महाष्टमी और महानवमी का व्रत आज, कल होगी नवरात्र के अनुष्ठानों की पूर्णाहुति
महाष्टमी और महानवमी का व्रत आज
घरों में पारिवारिक व धार्मिक अनुष्ठान जारी
महानवमी में पारण कर समाप्त होगा व्रत
चंदौली जिले में नवरात्र के अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए आज महाष्टमी और महानवमी का व्रत श्रद्धालु रख रहे हैं। देवी शक्ति की साधना, संचयन और आराधना के साथ-साथ उपासना का यह महापर्व अब घरों में पारिवारिक अनुष्ठानों के रूप में ही नहीं, बल्कि एक लोकोत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है।
आपको बता दें कि इस वर्ष चतुर्थी तिथि में वृद्धि के कारण नवरात्र दस दिवसीय हो गया है। इस कारण तिथियों का क्रम बढ़ गया है और साधक मंगलवार को महाष्टमी और महानवमी का व्रत करेंगे। नौ दिवसीय अनुष्ठानों की पूर्णाहुति यज्ञ और हवन के साथ कल यानी बुधवार को होगी। महाष्टमी का व्रत रखने वाले साधक महानवमी में ही पारण करेंगे, जबकि संपूर्ण नवरात्र का संकल्पवान व्रती दशमी के दिन गुरुवार की सुबह व्रत समाप्त करेंगे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि महाष्टमी सोमवार की दोपहर 12:26 बजे से प्रारंभ हुई और यह मंगलवार 30 सितंबर को दोपहर 1:45 बजे तक रहेगी। इसके बाद महानवमी का आगमन होगा।
स्थानीय मंदिरों और घरों में श्रद्धालु देवी की प्रतिमा की पूजा कर रंग-बिरंगे फूल, दीप और नैवेद्य चढ़ाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर महिला व पुरुष दोनों ही व्रत और उपासना में विशेष रूप से भाग ले रहे हैं।
जगह-जगह नवरात्र उत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में भगवती स्तुति, भजन-कीर्तन और यज्ञ के आयोजन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु अपने स्वास्थ्य और मंगलकामना के लिए विशेष रूप से इस व्रत का पालन कर रहे हैं।
यह पर्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि लोग इसे एक साथ मिलकर उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं।
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