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आज रखा जा रहा है मोहिनी एकादशी का व्रत, जानें भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा विधि और महत्व

 वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी इस वर्ष 27 अप्रैल को मनाई जाएगी। भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार को समर्पित यह व्रत समस्त पापों के नाश और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।

 
 

27 अप्रैल को मोहिनी एकादशी व्रत


भगवान विष्णु का दिव्य मोहिनी अवतार


मोहजाल से मुक्ति दिलाने वाला पर्व


तुलसी के पास घी का दीपक


पीले भोग से मिलेगी आर्थिक समृद्धि

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है और इनमें भी मोहिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को यह व्रत रखा जाता है, जो इस वर्ष 27 अप्रैल, सोमवार को पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर मनुष्य के सभी कष्ट दूर होते हैं और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है।

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पौराणिक कथा: क्यों खास है मोहिनी अवतार?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत कलश प्रकट हुआ, तो देवताओं और असुरों के बीच विवाद छिड़ गया। तब भगवान विष्णु ने असुरों का ध्यान भटकाने के लिए एक अत्यंत सुंदर स्त्री का रूप धारण किया, जिसे 'मोहिनी' कहा गया। मोहिनी रूप में उन्होंने अपनी चतुराई से सारा अमृत देवताओं को पिला दिया, जिससे उनकी रक्षा हुई। माना जाता है कि यह घटना वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी को हुई थी, इसलिए इस दिन भगवान के इसी स्वरूप की पूजा की जाती है।

पूजा की सरल विधि और मंत्र
मोहिनी एकादशी के दिन भक्तों को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और शांत मन से व्रत का संकल्प लेना चाहिए। भगवान विष्णु की प्रतिमा को पीले वस्त्र पहनाकर चंदन का तिलक लगाना चाहिए। पूजा के दौरान तुलसी दल, फल, नारियल और पंचामृत अर्पित करना शुभ होता है। इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र और विष्णु सहस्रनाम का जाप करना विशेष फलदायी बताया गया है।

आर्थिक तंगी दूर करने के विशेष उपाय
यदि आप जीवन में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि चाहते हैं, तो इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे घर की नकारात्मकता दूर होती है। इसके अलावा, भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए उन्हें पीले रंग का भोग जैसे केसरिया चावल या बेसन के लड्डू अर्पित करें। मान्यता है कि घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से माता लक्ष्मी का आगमन होता है और आर्थिक तंगी से राहत मिलती है।

व्रत के आध्यात्मिक लाभ
शास्त्रों के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत न केवल सुख-सौभाग्य बढ़ाता है, बल्कि मनुष्य को संसार के मोहजाल से मुक्त कर विष्णु लोक की प्राप्ति में सहायक होता है। इस व्रत के प्रभाव से पितरों को भी तृप्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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