जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलChandauliSamachar_Logo

19 सितंबर का पंचांग: राधा अष्टमी पर बन रहा है दुर्लभ योग, शनिवार से शुरू होगा 16 दिनों का महालक्ष्मी व्रत

19 सितंबर 2026 को राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत का पावन संयोग बन रहा है। इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा और महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत से घर में सुख-समृद्धि आती है। जानिए दिन का शुभ-अशुभ समय।

 
 

भाद्रपद शुक्ल अष्टमी तिथि पर मनाया जाएगा राधा अष्टमी पर्व

शनिवार से शुरू हो रहा है 16 दिवसीय महालक्ष्मी व्रत

सुबह 11:56 से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा अभिजीत मुहूर्त

आयुष्मान और सौभाग्य योग में होगी महालक्ष्मी कलश स्थापना

पूर्व दिशा में रहेगा दिशाशूल, यात्रा से पहले रखें ध्यान

हिंदू धर्म और सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, निवेश या यात्रा की शुरुआत से पहले पंचांग देखना बेहद जरूरी माना जाता है। शनिवार 19 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत ही पवित्र और फलदायी है। इस दिन उदयातिथि के अनुसार दो बड़े धार्मिक पर्व—राधा अष्टमी और 16 दिवसीय महालक्ष्मी व्रत एक साथ पड़ रहे हैं।

राधा अष्टमी और महालक्ष्मी व्रत का पावन संयोग
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शनिवार को दोपहर 3:27 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। इस दिन श्री राधा रानी के प्राकट्य दिवस यानी राधा अष्टमी पर व्रत रखकर राधा-कृष्ण की पूजा करने से जीवन में प्रेम और शांति आती है। वहीं, इसी दिन से 16 दिनों तक चलने वाले महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत हो रही है, जो 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दिन कलश स्थापना कर मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है।

radha ashtami 2026 puja vidhi

सूर्य-चंद्रमा की स्थिति और शुभ मुहूर्त
19 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:18 बजे और सूर्यास्त शाम 6:23 बजे होगा। चंद्रमा दोपहर 1:33 बजे उदित होकर रात 12:11 बजे अस्त होगा। ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा धनु राशि में संचार करेगा। दिन में दोपहर 2:29 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग शुरू हो जाएगा। दिन का सबसे शुभ अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 से दोपहर 12:44 बजे तक और अमृत काल शाम 6:23 से रात 8:24 बजे तक रहेगा।

अशुभ समय और दिशाशूल का रखें ध्यान
किसी भी नए और मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले अशुभ समय का ध्यान रखना जरूरी है। पंचांग के अनुसार, राहुकाल सुबह 10:50 बजे तक, गुलिक काल सुबह 6:18 से 7:49 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 1:51 से 3:21 बजे तक रहेगा। इन समयों में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से परहेज करें। यदि यात्रा बेहद जरूरी हो, तो ज्योतिषीय उपाय करके ही घर से निकलें।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*