ऑपरेशन बचपन अभियान में मिली सफलता, DDU जंक्शन से 3 बच्चे बरामद
ऑपरेशन बचपन अभियान के अंतर्गत हो रही कार्रवाई
चंदौली पुलिस ने रेलवे स्टेशन से 3 नाबालिग बच्चों को कराया मुक्त
रेलवे स्टेशन पर मांगते रहते हैं भीख
चंदौली जिले में मिशन शक्ति अभियान फेज-5 के अंतर्गत चलाए जा रहे "ऑपरेशन बचपन अभियान" के तहत एक सराहनीय कार्य करते हुए चंदौली पुलिस ने रेलवे स्टेशन पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (पीडीडीयू) से तीन नाबालिग बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति की स्थिति से मुक्त कराया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन दिगम्बर कुशवाहा तथा क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी शर्मा के पर्यवेक्षण में चलाया गया।

उक्त अभियान का उद्देश्य जिले में बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना, बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करना और नाबालिग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसी कड़ी में दिनांक 15 जुलाई को एक विशेष टीम गठित कर रेलवे स्टेशन पीडीडीयू पर निगरानी अभियान चलाया गया। इस टीम में एएचटीयू टीम निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह, कॉन्स्टेबल राम जी घुसिया, इन्द्रजीत सिंह (जिला समन्वयक), अनुराधा वर्मा (डीसीपीयू चंदौली) तथा चेतन श्रीवास्तव (चाइल्डलाइन चंदौली) शामिल थे।
अभियान के दौरान टीम ने रेलवे स्टेशन पर तीन नाबालिग बच्चों को भिक्षावृत्ति करते हुए देखा। तत्काल संज्ञान लेते हुए टीम ने बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया और उनकी काउंसलिंग कर उन्हें बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया। बाल न्यायालय के निर्देशानुसार तीनों बच्चों को सुरक्षित रूप से बाल शिशु गृह में भेजा गया, जहां उनके भविष्य की दिशा तय करने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
इस अभियान की विशेष बात यह है कि इसे बहु-एजेंसी समन्वय के साथ संचालित किया गया। इसमें पुलिस विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) और चाइल्डलाइन जैसी संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता रही। यह कार्रवाई न केवल बच्चों को शोषण से बचाने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देती है कि नाबालिग बच्चों के शोषण के खिलाफ प्रशासन सजग और संकल्पित है।
ऑपरेशन बचपन अभियान के माध्यम से पुलिस उन बच्चों की पहचान कर रही है जो स्टेशन, चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर भीख मांगते या मजदूरी करते हैं। इन्हें रेस्क्यू कर उन्हें सरकारी योजनाओं, शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे ने अभियान में सम्मिलित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों का बचपन बचाना सिर्फ कानून का नहीं, समाज का भी उत्तरदायित्व है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं भी किसी बच्चे को भीख मांगते या काम करते देखें तो तुरंत स्थानीय पुलिस या चाइल्डलाइन को सूचित करें।
यह अभियान न सिर्फ बच्चों को नए जीवन की ओर अग्रसर करता है, बल्कि एक संवेदनशील और जागरूक समाज की नींव भी मजबूत करता है।
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