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नव दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का समापन, प्रसाद के लिए उमड़े श्रद्धालु
कथावाचिका ने इस श्रीराम कथा को उसके मर्म के साथ प्रस्तुत किया। मंगलवार को कथा के विश्राम दिवस में सुंदरकाण्ड का वर्णन करते हुए उन्होंने लंका दर्शन आदि घटनाओं का विस्तृत वर्णन किया।
 

मानस प्रचार सेवा समिति की संगीतमय श्रीराम कथा

कथावाचिका विदुषी मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने सुनायी कथा

चंदौली जिले के नियामताबाद क्षेत्र बौरी गांव में मानस प्रचार सेवा समिति द्वारा कराई जा रही श्रीराम कथा का मंगलवार को अंतिम दिन रहा। कथावाचिका विदुषी मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने श्रीराम कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बहुत ही रोचक ढंग से राम नाम रूपी बूटी बांटने का काम किया।

बता दें कि कथावाचिका ने संगीतमय सत्संग के माध्यम से गौ सेवा एवं मानव सेवा के प्रति जागृति लाने का भी प्रयास किया।
कथावाचिका ने इस श्रीराम कथा को उसके मर्म के साथ प्रस्तुत किया। मंगलवार को कथा के विश्राम दिवस में सुंदरकाण्ड का वर्णन करते हुए उन्होंने लंका दर्शन आदि घटनाओं का विस्तृत वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्री राम द्वारा रावण वध एवं प्रभु श्रीराम के अयोध्या के राजसिंहासन पर आरूढ़ होने का सुंदर वर्णन किया।

समिति के मुख्य आयोजक वीरेंद्र सिंह ने  कथा के रहस्य को व्यक्त करते हुए कहा कि सुंदरकांड मानस का सुंदर भाग है। आज समाज में सुंदरकांड के पाठ का प्रचलन है, इसलिए किसी ग्रंथ के किसी विशेष भाग के पठन को परंपरा बनाने का अर्थ है कि हम उस भाग को बार-बार पढ़ें और अपने आचरण में उतार लें। मात्र पढने से कल्याण नहीं हो सकता। जैसे एक रोगी डॉक्टर से दवा लेकर आए, डॉक्टर दवा का पर्चा लिखकर दे दें, रोगी उस पर्चे को घर लेकर आए और उसे आदर से बार-बार पढ़े,तो उसका कल्याण नहीं हो सकता, स्वास्थ्य के लिए पर्चे पर लिखी दवा का सेवन करना आवश्यक है।
इसी तरह ग्रंथों का पूर्ण लाभ लेने के लिए उन्हें जीवन में उतारना आवश्यक है।

वहीं समिति के अध्यक्ष हरिवंश सिंह पटेल ने कथा में वर्णित राम राज्य के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए कहा कि रामराज्य एक आदर्श राज्य है। रामराज्य में कहीं चोरी, भ्रष्टाचार, झूठ एवं घृणा नहीं है, अपितु चारों तरफ प्रेम भाईचारा, सौहार्दय और सद्भावना दृष्टिगोचर होती है। आज भी इन्हीं सब गुणों की आवश्यकता है। यह रामराज्य जीवन में आ जाये,इसके लिए आवश्यक है, राम को जान लेना। पूर्ण गुरू की कृपा से ही जीव अपने अंत: करण में श्रीराम का दर्शन करता है। तभी श्री राम के गुण जीवन में आते हैं और सभी रामराज्य की स्थापना जीवन में हो सकती है।

वही समिति द्वारा पत्रकारों, समिति के पदाधिकारी व सदस्यगणों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया।


इस अवसर पर रमेश जायसवाल विधायक पीडीडीयू नगर ,राणा प्रताप सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा, सूर्यमूनी तिवारी वरिष्ठ कार्यकर्ता भाजपा, जितेंद्र गुप्ता एडवोकेट समाजसेवी ,सतीश सिंह ग्राम प्रधान बौरी,अरुण सिंह, मृदुल विश्वास, राज किशोर सिंह, रोशन सिंह ,राजू सिंह सहित समिति के समस्त पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित रहे।

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