इंस्पेक्टर बन धमकी देने वाले प्रधान पर पुलिस की दरियादिली, कबूलनामा के बाद भी पुलिस ने नहीं दर्ज की नामजद FIR
अलीनगर के अमोघपुर गांव के प्रधान का मामला आया था सामने
ग्राम प्रधान सुनील चौहान ने फोन पर धमकी दी
ग्राम प्रधान ने खुद गलती स्वीकार की वीडियो जारी किया
सब कुछ जानकार भी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज की FIR
चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमोघपुर गांव के ग्राम प्रधान सुनील चौहान द्वारा एक आम नागरिक को फोन पर स्वयं को थाना अध्यक्ष बताकर धमकाने के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है,जबकि इंस्पेक्टर बनकर धमकाने वाले ग्राम प्रधान ने खुद गलती करने की बात कहते हुए वीडियो जारी किया है। इस मामले को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है और पुलिस पर राजनीतिक दबाव के कारण इस तरह की कार्रवाई करने के आरोप के साथ किरकिरी भी हो रही है। जबकि पीड़ित हरिश्चंद्र चौहान, जो अलीनगर कस्बे का निवासी हैं,जिसे ग्राम प्रधान ने धमकाया है उसने संबंधित ऑडियो क्लिप, मोबाइल नंबर और प्रार्थना पत्र पुलिस प्रशासन को सौंपते हुए न्याय की मांग की है।
आश्चर्य की बात यह है कि पीड़ित द्वारा पुख्ता प्रमाण दिए जाने के बावजूद और ग्राम प्रधान द्वारा स्वयं गलती करने का कबूलनामा का वीडियो जारी करने के बावजूद भी अब तक आरोपी प्रधान के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही की औपचारिकता पूरी कर दी है। इससे न सिर्फ पीड़ित बल्कि आम जनमानस में भी प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।

आपको बता दे की चंदौली जनपद के अलीनगर थाना के अमोघ क्षेत्र के अमोघपुर गांव के ग्राम प्रधान सुनील चौहान द्वारा स्वयं अलीनगर इंस्पेक्टर बनकर कस्बा निवासी हरिश्चंद्र चौहान को मोबाइल पर जमीन के मामले में धमकाने का ऑडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में पुलिस पर अज्ञात के नाम मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति का आरोप लग रहा है। इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि आरोपी प्रधान का राजनीतिक रसूख उसे संरक्षण प्रदान कर रहा है। बताया जाता है कि प्रधान सुनील चौहान अक्सर सत्ताधारी दल के नेताओं के साथ देखे जाते हैं और विवादों में भी रहते हैं। ऐसे में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस-प्रशासन आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कतरा रहा है।

पीड़ित हरिश्चंद्र चौहान ने बताया कि उन्हें ग्राम प्रधान की कार्यशैली से भय है और उन्हें तथा उनके परिवार को जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है।
इस मामले क्षेत्राधिकारी पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि पुलिस सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) की जांच कर रही है और पुख्ता प्रमाण मिलने पर नामजद कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि पीड़ित पक्ष प्रशासन की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं है और सीधे नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहा है। मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे पुलिस की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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