बबुरी बिजली संकट पर भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह ने खोली जेई की पोल, इसलिए लगाया भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का आरोप
चंदौली के बबुरी विद्युत उपकेंद्र पर अघोषित कटौती से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य द्वार पर ताला जड़कर पूरी रात धरना प्रदर्शन किया। भाजपा नेता द्वारा अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप और रात्रिकालीन आपूर्ति के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
बबुरी पावर हाउस पर ताला जड़ा
रातभर ग्रामीणों का चला धरना प्रदर्शन
बिजली अधिकारियों का हुआ सामूहिक घेराव
जेई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
रात्रिकालीन बिजली सुधार का मिला आश्वासन
चंदौली जिले के बबुरी में भीषण गर्मी और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार की देर रात अचानक फूट पड़ा। अघोषित कटौती से आजिज आकर सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण बबुरी विद्युत उपकेंद्र पर जमा हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आक्रोशित लोगों ने विरोध स्वरूप पावर हाउस से संचालित होने वाले सभी फीडरों की विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह रोक दिया और उपकेंद्र के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। ग्रामीण रात के समय निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति किए जाने की मांग को लेकर परिसर के भीतर ही धरने पर बैठ गए।
रातभर परिसर में डटे रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का गंभीर आरोप था कि पूरे क्षेत्र में रातभर मनमानी बिजली कटौती की जा रही है और पूरे 24 घंटे में केवल तीस से चालीस मिनट ही आपूर्ति मिल पा रही है। इस भीषण उमस भरी गर्मी के कारण स्थानीय लोगों का रात में घरों के भीतर सोना पूरी तरह मुहाल हो चुका है।
आंदोलनकारियों ने विभागीय अमले को चेतावनी दी कि जब तक रात के समय नियमित रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। धरने का नेतृत्व कर रहे महेंद्र सेठ और श्री प्रकाश सोनिया अपने समर्थकों के साथ पूरी रात पावर हाउस परिसर की जमीन पर डटे रहे।

सुबह भारी भीड़ के बीच पहुंचे उच्चाधिकारी
शुक्रवार की सुबह होते ही आसपास के तमाम गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे बिजली उपकेंद्र पर माहौल और अधिक गरमा गया। बबुरी में तालाबंदी और भारी हंगामे की सूचना मिलने पर शुक्रवार की सुबह अवर अभियंता (जेई) प्रदीप यादव, उपखंड अधिकारी (एसडीओ) अमर सिंह पटेल, अधिशासी अभियंता (एक्सियन) आशीष कुमार सिंह तथा अधीक्षण अभियंता (एसई) जसबीर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
वरिष्ठ अधिकारियों को देखते ही आंदोलित ग्रामीणों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और क्षेत्र के बिजली संकट को लेकर भारी नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर अधिकारियों से तीखा सवाल किया कि जब बबुरी पावर हाउस पर चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध है और पास ही में निर्माणाधीन अपोलो फैक्ट्री को बिना किसी कटौती के लगातार वीआईपी आपूर्ति दी जा रही है, तो फिर आम उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली क्यों नहीं मिल रही है।
भाजपा नेता के भ्रष्टाचार के आरोप और आश्वासन पर सहमति
इस तीखी बहस के दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने अधीक्षण अभियंता जसबीर सिंह से सीधे तौर पर शिकायत दर्ज कराते हुए बिजली विभाग पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तैनात जेई पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है और अपने चुनिंदा एजेंटों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करवा रहा है। भाजपा नेता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष मांग रखी कि भले ही दिन के समय कटौती कर ली जाए, लेकिन रात में निर्बाध रूप से बिजली दी जाए ताकि आम जनता को रात में चैन की नींद मिल सके। काफी देर तक चली इस मैराथन वार्ता के बाद अधिकारियों ने मुख्य अभियंता के माध्यम से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (एमडी) को ग्रामीणों की सभी जायज मांगों से अवगत कराया। अंततः, अधिकारियों द्वारा रात्रिकालीन बिजली व्यवस्था में तत्काल प्रभाव से सुधार करने का पुख्ता आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त किया।
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