चंदौली में फटफटिया गाड़ियों पर एक्शन : 25 मॉडिफाइड साइलेंसर गाड़ियाँ जब्त, गैराज संचालकों पर लगेगा 1 लाख का जुर्माना
चंदौली में मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ परिवहन विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। 25 वाहनों के चालान के साथ अब अवैध साइलेंसर लगाने वाले गैराज संचालकों पर 1 लाख रुपये के जुर्माने की तलवार लटक रही है।
25 मॉडिफाइड साइलेंसर वाहनों का चालान
गैराज संचालकों पर 1 लाख जुर्माना संभव
77 स्कूली वाहनों के परमिट मिले फेल
नियम तोड़ने पर 3 माह की जेल
मान्यता रद्द करने की कड़ी चेतावनी
चंदौली जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और सड़कों पर स्टंटबाजी को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। मुख्यालय के निर्देशानुसार, 1 मई से 15 मई 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभाग ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन स्वामियों और अवैध गैराज संचालकों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है।
साइलेंसर मॉडिफिकेशन पर 2.50 लाख का जुर्माना
एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में अब तक 25 मॉडिफाइड साइलेंसर युक्त वाहनों का चालान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 4 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई से विभाग को लगभग 2.50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाकर सड़कों पर शोर मचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गैराज संचालकों के लिए 'रेड अलर्ट'
इस बार परिवहन विभाग ने केवल वाहन स्वामियों को ही नहीं, बल्कि उन दुकानदारों को भी निशाने पर लिया है जो अवैध साइलेंसर बेचते या फिट करते हैं। एआरटीओ ने चेतावनी दी है कि यदि कोई गैराज संचालक मॉडिफाइड साइलेंसर लगाते हुए पाया गया, तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वाहन चालकों को 3 माह की जेल और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।
परमिट फेल स्कूली बसों पर गिरेगी गाज
अभियान के दौरान UPISVMP पोर्टल की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जनपद के 77 स्कूली वाहनों के परमिट समाप्त पाए गए हैं। इनमें जिले के कई प्रतिष्ठित विद्यालय जैसे बृजनंदनी कॉन्वेंट, नेशनल पब्लिक स्कूल, शुभम स्कूल, मानस कॉन्वेंट, सेंट जोसेफ स्कूल, अलहनीफ एजुकेशन सेंटर, राहुल इंटरनेशनल और जेएस पब्लिक स्कूल शामिल हैं। इन सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
मान्यता रद्द करने का सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो विद्यालय बार-बार चेतावनी के बावजूद परिवहन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। बिना वैध फिटनेस, बीमा और परमिट के सड़क पर दौड़ने वाले स्कूली वाहनों को सीधे स्क्रैपिंग (कबाड़) के लिए भेजा जा सकता है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को भेजने से पहले वाहन के दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
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