मोबाइल की लत और अहंकार से बिखर रहे रिश्ते, महिला थाना प्रभारी ने काउंसलिंग से 97 जोड़ों की कराई गई सुलह
चंदौली के महिला थाने ने टूटते रिश्तों को जोड़ने की मिसाल पेश की है। जुलाई महीने में आए 111 पारिवारिक विवादों में से 97 मामलों में काउंसलिंग के ज़रिए पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर उन्हें राजी-खुशी घर भेजा गया।
चंदौली महिला थाना बना उम्मीद की किरण
जुलाई में 97 जोड़ों की कराई सुलह
मोबाइल और रील देखना बना विवाद
थाना प्रभारी पूजा कौर ने की काउंसलिंग
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई कार्रवाई
चंदौली जिले में बदलती जीवनशैली, मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और छोटी-छोटी बातों पर उपजे अहंकार के कारण पति-पत्नी के रिश्तों में दरार के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जिले के महिला थाने में लगभग हर रोज दो से तीन ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिनमें शादीशुदा जोड़े एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए अलग होने की जिद पर अड़े रहते हैं। इनमें कई जोड़े ऐसे हैं जिनकी शादी को कुछ ही महीने हुए हैं, तो कई 7 साल से ज्यादा समय साथ बिताने के बाद भी अलग होने पहुंच रहे हैं।

पुलिस की संवेदनशीलता से मिल रही बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के कड़े निर्देशों पर महिला थाना इन संवेदनशील मामलों में सीधे केस दर्ज करने के बजाय पहले सुलह-समझौते और परिवार को जोड़ने को प्राथमिकता दे रहा है। महिला थाना प्रभारी पूजा कौर और उनकी समर्पित टीम दोनों पक्षों के साथ-साथ उनके घर-परिवार के वरिष्ठ लोगों को थाने बुलाकर आमने-सामने बिठाती है। विवाद की मुख्य वजह को गहराई से समझने के बाद दोनों को साथ रहने और रिश्ते को एक और मौका देने के लिए समझाया जाता है।
जुलाई महीने में 97 जोड़ों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
महिला थाने की इस सकारात्मक पहल के आंकड़े खुद सफलता की कहानी बयां कर रहे हैं। 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक महिला थाने में पारिवारिक विवाद से जुड़े कुल 111 प्रार्थना पत्र आए थे। महिला थाना प्रभारी और उनकी टीम की बेहतरीन काउंसलिंग के दम पर इनमें से रिकॉर्ड 97 मामलों का सफल निस्तारण आपसी बातचीत से कराया गया। समझौते के बाद ये सभी पति-पत्नी अपने परिजनों के साथ हंसते-मुस्कुराते अपने घर लौट गए, जबकि जिन मामलों में बात नहीं बनी, उन्हें कोर्ट भेजा गया।
मोबाइल की लत और रील देखना बन रहा विवाद का कारण
मामलों के निस्तारण के बाद महिला थाना प्रभारी पूजा कौर ने बताया कि पारिवारिक कलह की सबसे बड़ी वजह छोटी-छोटी बातें, आपसी ईगो (अहंकार) और मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल निकलकर आ रहा है। उन्होंने देखा कि कई मामलों में पति-पत्नी एक-दूसरे से बात करने और समय देने के बजाय घंटों मोबाइल में रील देखने व सोशल मीडिया पर व्यस्त रहते हैं। इसी दूरी से आपस में गलतफहमियां जन्म लेती हैं और बात तलाक तक पहुंच जाती है।
संवाद और भरोसा ही सुखी जीवन की चाबी
महिला थाना प्रभारी पूजा कौर ने आम जनता और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन पर रील देखने में अपना अनमोल समय बर्बाद न करें। इसकी जगह अपने परिवार, बच्चों और जीवनसाथी को समय दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपस में बातचीत (संवाद) और एक-दूसरे पर अटूट भरोसा ही किसी भी मजबूत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है। महिला थाना लगातार ऐसे परिवारों को बिखरने से बचाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहा है।
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