IAS मुकेश मेश्राम का चंदौली दौरा; एकौनी मॉडल की जमकर की तारीफ, गोबर गैस से 120 घरों की चल रही रसोई
यूपी के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने चंदौली के एकौनी और कठौरी में गौशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बायोगैस प्लांट के जरिए घर-घर सस्ती गैस पहुँचाने के मॉडल को सराहा और गौशालाओं में चारे-पानी के सख्त इंतजाम के निर्देश दिए।
120 घरों को पाइपलाइन से बायोगैस सप्लाई
एलपीजी से आधी कीमत पर मिल रही गैस
गौवंशों की जियो टैगिंग के सख्त निर्देश
गर्मी में लू से बचाव हेतु विशेष प्रबंध
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग) मुकेश कुमार मेश्राम ने पीडीडीयू नगर तहसील के एकौनी और नियामताबाद के कठौरी ग्राम का दौरा कर गौ संरक्षण और नवाचार का जायजा लिया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बायोगैस के सफल प्रयोग और गौशालाओं की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
बायोगैस से सस्ती रसोई: एकौनी का अनूठा मॉडल
ग्राम एकौनी के भ्रमण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने प्रगतिशील किसान चंद्र प्रकाश की गौशाला और बायोगैस प्लांट का निरीक्षण किया। यहाँ लगभग 200 गायों का पालन किया जा रहा है। किसान ने बताया कि गौशाला में उत्पन्न गोबर से बायोगैस प्लांट संचालित कर पाइपलाइन के माध्यम से गांव के 120 घरों में गैस की सप्लाई दी जा रही है।
ग्रामीणों को यह गैस मात्र ₹500 प्रति माह में उपलब्ध हो रही है, जो कि सामान्य एलपीजी सिलेंडर की तुलना में लगभग आधी कीमत है। अपर मुख्य सचिव ने इस उद्यमिता की प्रशंसा करते हुए निर्देश दिए कि इस मॉडल का विस्तार किया जाए और अन्य लोगों को प्रशिक्षित कर इस स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
कठौरी गौ संरक्षण केंद्र में सख्त हिदायत
इसके उपरांत एसीएस ने विकास खंड नियामताबाद के कठौरी ग्राम स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौ संरक्षण के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि बीमार और कमजोर पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए और इसके लिए समय-समय पर मेडिकल कैंप लगाए जाएं।
गर्मी और प्रबंधन के लिए विशेष दिशा-निर्देश
बढ़ती गर्मी को देखते हुए अपर मुख्य सचिव ने गौवंशों को लू से बचाने और पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को निर्देशित किया कि अधिकारियों का एक रोस्टर तैयार किया जाए, जो नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करेंगे।
अफसरों के द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश--
जियो टैगिंग: सभी संरक्षित गौवंशों और छुट्टा पशुओं की अनिवार्य रूप से जियो टैगिंग की जाए।
रजिस्टर मेंटेनेंस: टीकाकरण, पशु आहार और मूवमेंट रजिस्टर को अपडेट रखा जाए।
चारा प्रबंधन: गोचर भूमि पर हरे चारे की व्यवस्था हो और गौशाला परिसर में छायादार वृक्ष लगाए जाएं।
इस निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी और संबंधित ग्राम प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







