मुंबई मेल से गिरकर RPF दरोगा की मौत, 6 महीने पहले ही मिली थी सरकारी नौकरी
चंदौली में अलीनगर थाना क्षेत्र के पास मुंबई मेल से गिरकर आरपीएफ दरोगा विशाल तिवारी की मौत हो गई। 26 वर्षीय विशाल ने छह माह पूर्व ही ट्रेनिंग पूरी की थी, उनकी अचानक मौत से मऊ स्थित घर में कोहराम मच गया है।
* मुंबई मेल से गिरकर दरोगा की मौत
* मऊ जनपद के निवासी थे विशाल तिवारी
* छह महीने पहले मिली थी पहली तैनाती
* अलीनगर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हेतु भेजा
* रफीगंज बिहार में तैनात थे मृतक दरोगा
चंदौली जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ अलीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत यार्ड पोस्ट के समीप एक रेल हादसे में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक युवा दरोगा की जान चली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई मेल ट्रेन से गिरकर दरोगा की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना डाउन यार्ड ओल्डकार शेड के पास घटित हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने छानबीन शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय विशाल तिवारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मऊ जनपद के जखनिया के रहने वाले थे।
हादसे के समय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जा रहे थे दरोगा
घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार की देर रात दरोगा विशाल तिवारी मुंबई मेल ट्रेन पर सवार होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन की ओर आ रहे थे। यात्रा के दौरान डाउन यार्ड ओल्डकार के किलोमीटर पोल नंबर 673/8 के पास वह अचानक चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। ट्रेन की गति और गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जैसे ही इस हादसे की सूचना विभाग को मिली, आरपीएफ प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ कर्मचारी और स्थानीय पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गए।
शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे के बाद अलीनगर पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल पाण्डेय ने बताया कि मृतक दरोगा के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल चंदौली भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण रहा है। विभाग के साथी कर्मचारी भी इस घटना के बाद से स्तब्ध हैं।
छह महीने पहले मिली थी नौकरी, घर में छाया मातम
विशाल तिवारी का पेशेवर सफर अभी शुरू ही हुआ था। सूत्रों के अनुसार, छह माह पूर्व अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें बिहार के रफीगंज में पहली तैनाती मिली थी। दरोगा के पद पर भर्ती होने के बाद से ही उनके परिजनों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल था, लेकिन इस आकस्मिक घटना ने सब कुछ बदल कर रख दिया है। जैसे ही मौत की खबर उनके घर पहुँची, परिवार में चीख-पुकार मच गई और रोते-बिलखते परिजन तत्काल जिला अस्पताल चंदौली पहुँच गए।
यह दुखद घटना न केवल एक परिवार के लिए बड़ी क्षति है, बल्कि आरपीएफ के लिए भी एक होनहार युवा अधिकारी का खोना है। विशाल की असामयिक मृत्यु ने रेल सुरक्षा बल के कर्मियों के बीच शोक की लहर पैदा कर दी है।
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