इस गलती पर सस्पेंड हो गए मुगलसराय थाने के दरोगा प्रदीप सिंह, SP आकाश पटेल ने दिया संदेश
चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मारपीट के एक गंभीर मामले में उचित कार्रवाई और धाराओं में बढ़ोत्तरी न करने पर यह सख्त फैसला लिया गया है।
उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह तत्काल प्रभाव से निलंबित
गंभीर मारपीट के मामले में कार्रवाई न करने का आरोप
एसपी की जनसुनवाई में पीड़ित ने लगाई थी गुहार
धाराओं के न्यूनीकरण पर पुलिस अधीक्षक का सख्त रुख
विवेचक के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी
चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के समक्ष आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक पीड़ित आवेदक ने उपस्थित होकर अपनी व्यथा सुनाई। आवेदक ने बताया कि पिछले माह थाना मुगलसराय क्षेत्र में उनके पिता के साथ जानलेवा मारपीट हुई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित का आरोप था कि घटना के काफी समय बीत जाने के बाद भी विवेचक द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।
गंभीर चोट के बावजूद नहीं बढ़ाई गईं धाराएं
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए जब एसपी ने थाने से रिपोर्ट तलब की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार, आवेदक के पिता पर 28 मार्च 2026 को हमला हुआ था। उनके सिर में इतनी गंभीर चोट आई है कि वे अभी तक वाराणसी में उपचाराधीन हैं और बयान देने की स्थिति में भी नहीं हैं। इसके बावजूद, विवेचक उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह द्वारा अभियोग में गंभीर धाराओं की बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी, जो स्पष्ट रूप से शिथिलता को दर्शाता है।
एसपी की दो टूक: "धाराओं का न्यूनीकरण स्वीकार्य नहीं"
इस घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसपी आकाश पटेल ने उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसपी ने जनपद के सभी थानाध्यक्षों को कड़ा संदेश देते हुए निर्देशित किया है कि किसी भी आपराधिक प्रकरण में धाराओं को कम करना (न्यूनीकरण) किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में ऐसा कोई मामला संज्ञान में आता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध इससे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के लोगों में मचा है हड़कंप
एसपी की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जनसामान्य में इस फैसले की सराहना हो रही है, क्योंकि यह न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








