गौरैया बचाओ अभियान: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वीवंडर फाउंडेशन के ओपन माइक में बच्चों ने लिया गौरैया को बचाने का प्रण
वीवंडर फाउंडेशन द्वारा ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल
20 मार्च "विश्व गौरैया दिवस" के लिए चुनी जाएंगी प्रतिभाएं
घरों की छतों पर दाना-पानी रखने की दिलाई गई शपथ
नगर के बच्चों और युवाओं ने कविता-शायरी से बांधा समां
चंदौली देश के गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पंडित दीनदयाल नगर में एक अनूठी पहल देखने को मिली। वीवंडर फाउंडेशन द्वारा संचालित “गौरैया बचाओ अभियान” के अंतर्गत आयोजित ओपन माइक कार्यक्रम में नगर के बच्चों और युवाओं ने जैव विविधता की रक्षा का संकल्प लिया।

कविता और कहानी से जगाई जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने गौरैया के विलुप्त होने के खतरों और हमारे जीवन में पर्यावरण के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रभावशाली कहानी, शायरी और गीतों की प्रस्तुतियां दीं। नन्हे कलाकारों की संजीदा प्रस्तुतियों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि कैसे आधुनिकता की दौड़ में हम अपने आंगन की नन्हीं चिड़िया को खोते जा रहे हैं।

20 मार्च 'विश्व गौरैया दिवस' की तैयारी
फाउंडेशन के अध्यक्ष गोपाल कुमार ने बताया कि इस ओपन माइक का उद्देश्य न केवल जागरूकता फैलाना है, बल्कि नगर की प्रतिभाओं को मंच देना भी है। चयनित बच्चों को आगामी 20 मार्च को "विश्व गौरैया दिवस" पर होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों को अपने घरों की छतों और बालकनियों में गौरैया के लिए दाना-पानी रखने की शपथ भी दिलाई।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मिला साथ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी का प्रकृति के प्रति यह लगाव भविष्य के लिए शुभ संकेत है। कार्यक्रम में दिवाकर यादव, कोमल गुप्ता (7 डेज फाउंडेशन), विशाल तिवारी (शारदा एजुकेशन) सहित शुभम, आसिफ और संस्कार जैसे सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने गौरैया के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने का वादा किया।
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