डीडीयू जंक्शन के पास रेलवे यार्ड में दर्दनाक हादसा, वेंडर दीपक गुप्ता की गई जान; RPF ने अवैध वेंडरिंग के दावों को किया खारिज
-
सिकटिया गांव के समीप रेलवे यार्ड में विक्रमशिला एक्सप्रेस से हादसा
-
काली महल निवासी 24 वर्षीय वेंडर दीपक गुप्ता (उर्फ घूरे) की मौत
-
हादसे के बाद रेलवे सुरक्षा और अवैध वेंडरिंग को लेकर लोगों ने उठाए सवाल
-
आरपीएफ प्रभारी पी.के. रावत ने मृतक को बताया लाइसेंसशुदा अधिकृत वेंडर
-
क्षेत्राधिकार विवाद के बाद अलीनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम
चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र से सटे सिकटिया गांव के पास स्थित रेलवे यार्ड में एक बेहद हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहां विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान काली महल निवासी दीपक गुप्ता उर्फ घूरे के रूप में हुई है, जो ट्रेनों में वेंडरिंग (सामान बेचने) का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। हादसे की मनहूस खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और वे रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंच गए।
सीमा विवाद के बाद अलीनगर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। शुरुआत में घटनास्थल के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) को लेकर आरपीएफ, जीआरपी, मुगलसराय कोतवाली और अलीनगर पुलिस के बीच थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी रही। हालांकि, कुछ देर बाद यह स्पष्ट हो गया कि घटनास्थल अलीनगर थाना क्षेत्र की सीमा में आता है। इसके बाद अलीनगर पुलिस ने विधिवत रूप से शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
अवैध वेंडरिंग के दावों को RPF ने किया खारिज
इस दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे यार्ड और स्टेशन परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इस मौत को अवैध वेंडरिंग से जोड़ते हुए रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि रेलवे प्रशासन अवैध वेंडरिंग पर सख्ती से रोक लगाता, तो इस तरह की घटनाओं को टाला जा सकता था।
हालांकि, इन सभी आरोपों को आरपीएफ प्रभारी पी.के. रावत ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतक दीपक गुप्ता कोई अवैध वेंडर नहीं था, बल्कि वह रेलवे द्वारा जारी लाइसेंस के तहत एक अधिकृत (Authorized) वेंडर के रूप में कार्य कर रहा था। उन्होंने बताया कि रेलवे परिसर में अवैध वेंडरिंग के खिलाफ विभाग द्वारा पहले से ही जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल, अलीनगर थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और घटना के समय की परिस्थितियों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। इस घटना से मृतक के परिवार और साथी वेंडरों में भारी शोक की लहर है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







