थर्ड पार्टी सैंपलिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग, कोयला व्यापारी ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात
नई दिल्ली में कोयला व्यापारियों की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात
थर्ड पार्टी सैंपलिंग से व्यापारियों को भारी नुकसान की आशंका
सैंपलिंग नीलामी से पहले करने की रखी गई मांग
कोयला व्यापार से जुड़ी समस्याओं को लेकर गुरुवार को चंदौली के कोयला व्यापारी अखिल पोद्दार ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीआईएल (कोल इंडिया लिमिटेड) की ई-नीलामी योजना 2022 में हाल ही में किए गए संशोधनों पर आपत्ति जताते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
अखिल पोद्दार ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत लागू की गई थर्ड पार्टी सैंपलिंग, वित्तीय कवरेज और ग्रेड परिवर्तन की शर्तों से कोयला व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि स्पॉट नीलामी के उपभोक्ताओं पर थर्ड पार्टी सैंपलिंग एवं इंडेम्निटी बॉन्ड की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोयले की सैंपलिंग नीलामी से पहले हो, ताकि केवल सत्यापित ग्रेड का ही व्यापार किया जा सके।
व्यापारी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में उठान के बाद ग्रेड में बदलाव से व्यापारियों को अनुचित आर्थिक क्षति होती है। क्योंकि नीलामी के बाद कोयला तुरंत बिक और ट्रांसपोर्ट हो जाता है, और बाद में यदि ग्रेड संशोधित किया जाता है, तो ग्राहक से मूल्य का अंतर वसूलना असंभव हो जाता है। इससे व्यापारियों को अपूरणीय वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।
अखिल पोद्दार ने यह भी मांग की कि अगस्त और सितंबर 2025 की नीलामियों में भाग लेने वाले उपभोक्ताओं को यदि वे नए प्रावधानों के तहत आगे नहीं बढ़ना चाहते, तो बिना किसी कटौती के ईएमडी (Earnest Money Deposit) सहित पूरी राशि वापस की जाए।
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि मंत्रालय कोल व्यापारियों की चिंताओं पर शीघ्र ही ठोस समाधान निकालेगा।
यह बैठक कोयला व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को नए सिरे से केंद्र सरकार के सामने रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्यापार जगत का कहना है कि यदि थर्ड पार्टी सैंपलिंग और इंडेम्निटी बॉन्ड की बाध्यता हटाई जाती है, तो इससे कारोबार में पारदर्शिता के साथ-साथ व्यापारिक स्थिरता भी आएगी।
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