Indian Railways News: DDU स्टेशन पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से रेलवे को मिलेगा राजस्व, लगीं 18 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें
पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल में स्वच्छता के साथ हरित क्षेत्र विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। डीडीयू जंक्शन पर 18 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें चालू की गई हैं। इसके अलावा 750 पौधे लगाने और गैर-किराया राजस्व जुटाने की योजना है।
डीडीयू जंक्शन पर 18 बोतल क्रशिंग मशीनें
स्वच्छता अभियान में 750 पौधे लगाने का लक्ष्य
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जागरूकता
गया, डेहरी और सासाराम में भी लगेंगी मशीनें
रेलवे को मिलेगा 17.60 लाख रुपये का राजस्व
चंदौली जिले में स्थित पूर्व मध्य रेलवे के पं. दीन दयाल उपाध्याय (DDU) रेल मंडल में स्वच्छता अभियान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) उदय सिंह मीना के दिशा-निर्देशन में रेलवे परिसरों और विशेष रूप से रेलवे कॉलोनियों में हरित क्षेत्र के विस्तार तथा पौधारोपण की गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं।
वर्तमान में चल रहे स्वच्छता अभियान के दौरान पूरे मंडल में 750 नए पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि परिसरों को हरा-भरा बनाकर ही यात्रियों को एक स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार पौधारोपण
मंडल में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण का काम लंबे समय से चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस-2025 के अवसर पर 500 पौधे, स्वच्छता पखवाड़ा-2025 के दौरान 800 पौधे तथा विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अभियान में करीब 1,000 पौधे सफलतापूर्वक लगाए गए थे।
पौधारोपण अभियान को आम जनमानस से जोड़ने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों का सहारा लिया जा रहा है। इसके माध्यम से रेलकर्मियों के साथ-साथ आम यात्रियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डीडीयू जंक्शन पर लगीं 18 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें
इसी क्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक और बोतलों के कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर 18 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इन मशीनों के लगने से यात्रियों द्वारा उपयोग की गई बोतलों का प्लेटफॉर्म पर ही निस्तारण संभव हो पा रहा है।
प्लेटफॉर्म वार आवंटन की बात करें तो प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 पर छह, प्लेटफॉर्म 3/4 पर पांच, प्लेटफॉर्म 5/6 पर दो तथा प्लेटफॉर्म 7/8 पर तीन मशीनें स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त यात्रियों की सुविधा के लिए कॉनकोर्स एरिया में एक और दक्षिणी यात्री हॉल में एक मशीन लगाई गई है, जिससे संग्रह और पुनर्चक्रण आसान हो गया है।
गया, डेहरी और सासाराम में भी लगेंगी मशीनें
डीडीयू जंक्शन की सफलता को देखते हुए मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी इस व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। अब गया जंक्शन पर 20, डेहरी-ऑन-सोन स्टेशन पर छह और सासाराम स्टेशन पर पांच प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही इन स्टेशनों पर भी यात्रियों को यह सुविधा मिलने लगेगी।
इन मशीनों के सुचारू संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी एक अनुबंधित प्राइवेट संस्था की होगी। इस प्रस्तावित व्यवस्था से पांच वर्षों की अनुबंध अवधि के दौरान रेलवे को लगभग 17.60 लाख रुपये का गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue) भी हासिल होगा।
स्वच्छ और हरित रेलवे परिसर की ओर कदम
रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण करने और प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण करने में रेलकर्मियों और यात्रियों दोनों की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह के एकीकृत प्रयासों से न सिर्फ रेलवे स्टेशनों और कॉलोनियों को स्वच्छ व हरित बनाने में मदद मिल रही है, बल्कि यह कदम पर्यावरण के लिए भी बेहद अनुकूल साबित हो रहा है।
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