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GRP प्रभारी का 'डंडा मार' अभियान: आधी रात बंद कराईं दुकानें, वीडियो वायरल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आधी रात को जीआरपी प्रभारी द्वारा दुकानें बंद कराने का वीडियो वायरल हुआ है। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान दुकानदारों पर डंडा चलाया गया और सामान को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

 

डीडीयू जंक्शन पर जीआरपी की सख्त कार्रवाई

आधी रात को बंद कराई गईं दुकानें

प्रभारी सुनील सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

दुकानों के सामान को नुकसान पहुंचाने का आरोप

कोयला चोरों के संघर्ष के बाद पुलिस सक्रिय

पूर्व मध्य रेलवे के सबसे व्यस्ततम स्टेशनों में शुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में जीआरपी डीडीयू के प्रभारी सुनील सिंह कथित तौर पर गेट नंबर-2 के पास स्थित पान, गुटखा और चाय की दुकानों को डंडे के बल पर बंद कराते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान पुलिसिया सख्ती के कारण दुकानदारों में दहशत फैल गई और दुकानों के सामान को भी नुकसान पहुँचा।


आधी रात को पुलिसिया सख्ती और दुकानों में तोड़फोड़
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात की है जब स्टेशन के गेट नंबर-2 के पास यात्री सुविधाओं के लिए खुली कुछ दुकानों को बंद कराने के लिए जीआरपी प्रभारी दल-बल के साथ पहुँचे। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि प्रभारी सुनील सिंह हाथ में डंडा लिए दुकानदारों को खदेड़ रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि इस अचानक हुई कार्रवाई में उनके काउंटर पर रखे सामान और डिब्बों को डंडे से मारकर गिरा दिया गया, जिससे काफी नुकसान हुआ है। पूरी घटना को किसी राहगीर ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

नशेड़ियों और कोयला चोरों के विवाद का असर?
इस कड़ी कार्रवाई के पीछे एक दिन पहले हुई हिंसक घटना को मुख्य कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया में अवैध रूप से डेरा जमाए नशेड़ियों और कथित कोयला चोरों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। उस घटना के बाद रेलवे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे, जिसके बाद जीआरपी सक्रिय हुई। माना जा रहा है कि संदिग्ध तत्वों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ही देर रात सर्कुलेटिंग एरिया को खाली कराने और दुकानों को बंद करने की यह मुहिम चलाई गई।

यात्रियों की सुविधा पर संकट
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन देश के उन चुनिंदा स्टेशनों में है जहाँ 24 घंटे करीब दो से ढाई सौ ट्रेनों का ठहराव होता है और रोजाना 15 से 20 हजार यात्री यहाँ से गुजरते हैं। रात के समय आने वाले यात्रियों के लिए ये दुकानें चाय-पानी और नाश्ते का मुख्य साधन होती हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा डंडे के जोर पर दुकानें बंद कराने की इस कार्यशैली को लेकर आम जनता और रेल यात्रियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

हालाँकि, इस पूरे प्रकरण और वायरल वीडियो पर जीआरपी प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक सफाई पेश नहीं की गई है। वहीं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

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