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DDU जंक्शन पर 'ऑपरेशन आहट': सीमांचल एक्सप्रेस से 5 मासूम मुक्त, 10 हजार का लालच देकर दिल्ली भेजे जा रहे थे बच्चे

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आरपीएफ ने बाल तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सीमांचल एक्सप्रेस से 5 बच्चों को रेस्क्यू कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जो उन्हें दिल्ली ले जा रहा था।

 
 

आरपीएफ प्रभारी प्रदीप रावत के नेतृत्व में संयुक्त कार्रवाई

सीमांचल एक्सप्रेस की जनरल बोगी से 5 बच्चे मुक्त

दिल्ली की बिंदी फैक्ट्री में कराई जानी थी बाल मजदूरी

तस्कर ने परिजनों को दिया था 'एडवांस' रुपयों का लालच

बचपन बचाओ आंदोलन और सीआईबी टीम की बड़ी सफलता

मासूमों के बचपन पर तस्करों का साया: डीडीयू जंक्शन पर 5 बाल मजदूर मुक्त, बिंदी फैक्ट्री में काम कराने की थी साजिश
मुगलसराय (चंदौली): पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत बाल मजदूरी और मानव तस्करी के संगठित गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरपीएफ डीडीयू पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में आरपीएफ, सीआईबी, चाइल्ड हेल्प डेस्क और 'बचाओ बचपन आंदोलन' की संयुक्त टीम ने प्लेटफार्म नंबर 6 पर खड़ी सीमांचल एक्सप्रेस (12487) से पांच नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है।

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10 हजार का लालच और एडवांस की जाल
जांच के दौरान ट्रेन की पिछली जनरल बोगी में पांच बच्चे डरे-सहमे मिले। उनके साथ मौजूद संदिग्ध व्यक्ति माजिद (40 वर्ष), निवासी अररिया (बिहार) से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी इन बच्चों को दिल्ली के उस्मानपुर स्थित एक बिंदी बनाने वाली फैक्ट्री में काम कराने ले जा रहा था। बच्चों को 12 घंटे काम के बदले 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने का लालच दिया गया था। यही नहीं, तस्कर ने गरीबी का फायदा उठाते हुए बच्चों के परिजनों को 2 से 5 हजार रुपये अग्रिम (एडवांस) के तौर पर भी दिए थे।

परिजनों को नहीं थी खबर
आरपीएफ ने जब बच्चों के परिजनों से संपर्क किया, तो पता चला कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया था कि बच्चों से दिल्ली में किस तरह का काम लिया जाएगा। आरोपी माजिद को हिरासत में लेकर कोतवाली मुगलसराय भेज दिया गया है, जहां उसके खिलाफ बाल मजदूरी और तस्करी की गंभीर धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

सुरक्षित हाथों में बच्चे
रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिग बच्चों को फिलहाल चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया है। आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि जंक्शन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों पर 'ऑपरेशन आहट' के तहत कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस सफल अभियान ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा बल और सहयोगी संस्थाओं की सतर्कता को साबित किया है।

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