DDU Junction: डीडीयू जंक्शन पर बाल तस्करी का भंडाफोड़, सूरत एक्सप्रेस से 6 बच्चे मुक्त, आरोपी झारखंड से गिरफ्तार
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन ने संयुक्त छापेमारी कर बाल तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। ट्रेन से 6 मासूमों को मुक्त कराकर झारखंड के एक तस्कर को दबोचा गया है।
भागलपुर-सूरत एक्सप्रेस के जनरल कोच से हुई बरामदगी
झारखंड के गोड्डा निवासी आरोपी दिनेश मंडल गिरफ्तार
वडोदरा के सोलर प्लांट में मजदूरी का था प्लान
18 हजार रुपये वेतन का दिया गया था झांसा
आरपीएफ ने बच्चों को चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा
चंदौली जनपद स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) और 'बंचपन बचाओ आंदोलन' की टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाकर बाल तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने भागलपुर-सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस से 6 नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया और इस मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

सटीक सूचना पर ट्रेन में छापेमारी
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ को सूचना मिली थी कि भागलपुर से सूरत जाने वाली ट्रेन संख्या 22948 (भागलपुर-सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस) के जनरल कोच में कुछ बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। डीडीयू जंक्शन पर ट्रेन के पहुंचते ही आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में टीम ने बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्यों के साथ कोच में छापेमारी की। तलाशी के दौरान 6 नाबालिग बच्चों के साथ एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया।
सोलर प्लांट में मजदूरी का दिया गया था झांसा
पकड़े गए आरोपी की पहचान झारखंड के गोड्डा जिला निवासी दिनेश मंडल के रूप में हुई है। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन बच्चों को गुजरात के वडोदरा ले जाया जा रहा था। आरोपी ने बच्चों और उनके परिजनों को झांसा दिया था कि वडोदरा के एक सोलर प्लांट में काम करने के बदले उन्हें हर महीने 18 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा। बच्चों की कम उम्र को देखते हुए यह स्पष्ट रूप से बाल श्रम और तस्करी का मामला पाया गया।
सुरक्षित रेस्क्यू और कानूनी कार्रवाई
आरपीएफ ने सभी 6 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया है, जहाँ उनकी काउंसलिंग की जा रही है। वहीं, पकड़े गए आरोपी दिनेश मंडल के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कस दिया गया है। आरपीएफ ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को आगे की विधिक कार्यवाही के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया है।
आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर संदिग्ध गतिविधियों और मानव तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि सतर्कता से मासूमों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
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