अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: डीडीयू मंडल में 125 बालिकाओं को मिली साइकिल, महिला रेलकर्मियों का सम्मान
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डीडीयू मंडल ने महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की। मंडल ने 125 छात्राओं को साइकिलें बांटी और रेलवे की महिला कर्मचारियों की सराहनीय सेवाओं को सम्मानित किया।
डीडीयू मंडल में महिला दिवस विशेष
छात्राओं को 125 साइकिलों का वितरण
महिला रेलकर्मियों का भव्य सम्मान
गया-डेहरी मेमो ट्रेन का महिला संचालन
रेलवे में नारी शक्ति की भागीदारी
चंदौली जिले में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल में महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। मंडल द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और महिला कर्मचारियों के समर्पण को सम्मानित करने पर मुख्य जोर रहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्टाफ बेनिफिट फंड के माध्यम से रेलवे कर्मचारियों की 125 मेधावी बालिकाओं को साइकिलों का वितरण था। साइकिलें पाकर बालिकाओं के चेहरों की मुस्कान उनके उज्ज्वल भविष्य और आत्मविश्वास को बयां कर रही थी।
महिला रेलकर्मियों की उपलब्धियों का उत्सव
मंडल द्वारा आयोजित समारोह में ईसीआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ (ECRWWO)/डीडीयू चैप्टर के तत्वावधान में मंडल की 23 सबसे समर्पित महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से एएसआई/आरपीएफ श्रीमती अनमोल कुमारी को सम्मानित किया गया, जिनकी पुत्री कुमारी ईशित्वा आनंद ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 50वां स्थान प्राप्त कर पूरे रेलवे परिवार का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में डीआरएम उदय सिंह मीना, श्रीमती चित्रा सिंह और मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने महिला दिवस के उत्साह को दोगुना कर दिया।
ऐतिहासिक कदम: महिला क्रू द्वारा ट्रेन संचालन
डीडीयू मंडल ने इस महिला दिवस को ऐतिहासिक बनाते हुए गया से डेहरी के बीच चलने वाली मेमो ट्रेन का संचालन पूर्णतः महिला क्रू को सौंपकर अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया। यह न केवल एक प्रतीकात्मक पहल थी, बल्कि यह साबित किया कि रेलवे के चुनौतीपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में भी महिलाएं उतनी ही दक्षता के साथ कार्य कर रही हैं। टिकट बुकिंग से लेकर पैनल रूम संचालन, कंट्रोल ऑफिस, ट्रैक अनुरक्षण और अस्पताल प्रबंधन तक, महिला कर्मचारियों ने हर विभाग में अपना लोहा मनवाया है।
बदलाव की बयार: सशक्त होता डीडीयू मंडल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रेलवे के हर स्तर पर महिलाओं की भागीदारी न केवल कार्यकुशलता बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनती है। यह पहल स्पष्ट करती है कि डीडीयू मंडल महिला सशक्तिकरण को केवल एक दिवस के रूप में नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का हिस्सा मानता है। साइकिल वितरण जैसी दूरगामी सोच वाली योजनाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छात्राओं के लिए शिक्षा तक पहुंच को सुगम बनाएंगी। यह आयोजन भारतीय रेल की महिला कर्मचारियों के प्रति सम्मान और उनके आत्मनिर्भर भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
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