पहली छमाही में नहीं हुई एक भी ट्रेन दुर्घटना, ECR में DDU मंडल ने बनाया नया रिकॉर्ड
पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बेहतरीन संरक्षा रिकॉर्ड कायम किया है। अप्रैल से सितंबर के बीच मंडल में रेल दुर्घटनाओं का आंकड़ा पूरी तरह शून्य रहा।
डीडीयू मंडल में दुर्घटनाओं का आंकड़ा शून्य
पहली छमाही में सुरक्षित रेल परिचालन
19 रेलकर्मियों को मिला मासिक संरक्षा पुरस्कार
250 से ज्यादा गहन औचक निरीक्षण
102 समपार फाटक मानवयुक्त और सुरक्षित
पूर्व मध्य रेल (ECR) के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (DDU) रेल मंडल ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में संरक्षा के मोर्चे पर एक मिसाल कायम की है। अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि के दौरान पूरे मंडल में एक भी ट्रेन दुर्घटना दर्ज नहीं की गई। इस दौरान न तो कोई ट्रेन पटरी से उतरी, न ही सिग्नल पार करने (SPAD) या समपार फाटक पर किसी तरह का हादसा हुआ। यहाँ तक कि संरक्षा को प्रभावित करने वाली उपकरणों की विफलता भी पूरी तरह शून्य रही।

अति व्यस्त रेलखंडों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी
अत्यधिक व्यस्त माने जाने वाले डीडीयू मंडल में डीडीयू-मानपुर ग्रैंड कॉर्ड, सोन नगर-गढ़वा रोड और सासाराम-आरा जैसे महत्वपूर्ण रेलखंड आते हैं। इन व्यस्त रूटों पर चौबीसों घंटे भारी संख्या में यात्री गाड़ियाँ और मालगाड़ियाँ दौड़ती हैं। साथ ही, इस मंडल का इंटरफेस ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ा हुआ है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) उदय सिंह मीना के मार्गदर्शन में संरक्षा विभाग अन्य सभी विभागों के साथ तालमेल बिठाकर लगातार मॉनिटरिंग और समीक्षा कर रहा है।

समय पर खामियों की पहचान से टले बड़े हादसे
रेल प्रशासन की ओर से संभावित संरक्षा खामियों को समय रहते पहचानने की नीति काफी कारगर साबित हुई है। पिछले दो वर्षों में इस दिशा में बेहतर काम किया गया, जहाँ वित्त वर्ष 2024-25 में 63 और 2025-26 में 57 (कुल 120) मामलों में संरक्षा संबंधी जरूरतों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए गए। इस सतर्कता की वजह से किसी भी तरह के संभावित जोखिम को गंभीर हादसा बनने से पहले ही रोक लिया गया।
सतर्कता जांच और उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलकर्मी सम्मानित
चालू वित्त वर्ष में बेहतर काम करने और हादसों को रोकने वाले विभिन्न विभागों के 19 रेलकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए 'मासिक संरक्षा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। इतना ही नहीं, अब तक 250 से अधिक गहन और औचक निरीक्षण किए जा चुके हैं। इनमें स्टेशन, केबिन, समपार फाटक, फुटप्लेट, एम्बुश और रात्रिकालीन जांच शामिल हैं। रात के समय की जाने वाली जांच में ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyzer) से भी कर्मचारियों की चेकिंग की गई। इसके अलावा 5 क्रॉस-फंक्शनल संरक्षा ऑडिट और 13 विशेष अभियान भी चलाए गए।
102 समपार फाटक मानवयुक्त, आधुनिक तकनीक से लैस व्यवस्था
डीडीयू मंडल के सभी 102 समपार फाटक पूरी तरह से मानवयुक्त (Manned) हैं, जिनमें 46 इंटरलॉक्ड और 56 नॉन-इंटरलॉक्ड फाटक शामिल हैं। स्टेशनों पर तकनीकी स्तर को मजबूत करने के लिए बीपीएसी (BPAC), आरआरआई/ईआई (RRI/EI), एलईडी सिग्नल और आईपीएस जैसी आधुनिक प्रणालियाँ काम कर रही हैं। आम जनता और सड़क उपयोगकर्ताओं को भी अभियानों के जरिए समपार फाटक पर सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मंडल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षित सफर के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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