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ऐसा लगता है कि सिक्सलेन बनने के बाद भी नहीं खत्म होगी चंदासी की धूल, अभी भी समस्या जस की तस, राहगीर हो रहे हैं बेहाल

पीडीडीयू नगर में सिक्सलेन सड़क के निर्माण के बाद भी चंदासी को धूल से मुक्ति नहीं मिल पाई है। रोजाना कोयला लोडिंग और अनलोडिंग के लिए आ रहे करीब 1200 ट्रकों और सफाई न होने से चंदासी में धूल का गुबार उड़ता रहता है।
 

चंदासी में सिक्सलेन बनने से भी नहीं मिली धूल से मुक्ति

स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए धूल बनी बड़ी समस्य

सड़क निर्माण के दौरान उड़ रही धूल से लोग परेशान

हर दिन सुबह शाम पानी का छिड़काव की मांग

चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर में सिक्सलेन सड़क के निर्माण के बाद भी चंदासी को धूल से मुक्ति नहीं मिल पाई है। रोजाना कोयला लोडिंग और अनलोडिंग के लिए आ रहे करीब 1200 ट्रकों और सफाई न होने से चंदासी में धूल का गुबार उड़ता रहता है।

आपको बता दें कि सिक्सलेन बनने से पहले नेताओं और अधिकारियों का कहना था कि इसके बन जाने के बाद धूल की समस्या से निजात मिल जाएगी। लेकिन जहां सिक्सलेन सड़क बन गई है वहां भी धूल की मोटी परत जमा है। एशिया की सबसे बड़ी चंदासी कोयला मंडी से हर महीने करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार के खाते में जाता है, लेकिन यहां कई समस्याएं हैं। मंडी में पेयजल, शौचालय व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कोयला मंडी में व्यापारी व मजदूर मिलाकर लगभग 50 हजार लोग भारी-भरकम राजस्व देने के बावजूद परेशान हो रहे हैं।

वहीं इन दिनों सिक्सलेन का मार्ग बनाया गया। मार्ग के बीचोबीच डिवाइडर बनाया गया है। जगह-जगह कार्यदायी संस्था के लोगों ने वाहनों के आवागमन के लिए कट बनवा दिया है। वहीं खोदकर छोड़े गए गड्ढों से निकली मिट्टी भी धूल बनकर उड़ रही है। जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी होती हैं।

कोयला मंडी की भीतरी इलाकों की सड़कों की हालत यह है कि लगभग सभी पर एक से दो फीट के गड्ढे मिल जाएंगे। सड़क के किनारे गड्ढों में ही ट्रक खड़े होते हैं। व्यापारी व कर्मचारी धूल, मिट्टी व कीचड़ से होकर ही अपने ट्रांसपोर्ट पर पहुंचते हैं। सरकारी पेयजल की कोई सुविधा नहीं हैं। वहीं आसपास के गांवों के ग्रामीण सांस संबंधी बीमारियों के शिकार होने लगे हैं।

निर्माणाधीन सड़क पर उड़ रही धूल, लोग परेशान

चंदौली से तीरगावां सैदपुर तक निर्माणाधीन सड़क पर इन दिनों उड़ रही धूल राहगीरों के साथ ही व्यापारियों और सड़क किनारे रह रहे लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। लोगों ने निर्माण कार्य में लगी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से सड़क पर प्रतिदिन पानी का छिड़काव कराने की मांग की है। चंदौली जिला मुख्यालय से तीरगावां मारूफपुर तक इन दिनों फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। इस बीच कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माणाधीन सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं होने से तेज हवाएं चलने तथा वाहनों की आवाजाही के दौरान इन दिनों ज्यादा धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों के साथ ही स्थानीय लोगों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के नागेंद्र मिश्रा, आलोक पांडेय, दुर्गेश पांडेय, सुशील मिश्रा, अनूप पांडेय, शिवम मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, रोहित मिश्रा, शौकत अली, पूर्व प्रधान वकील राम शर्मा, अरविंद कुमार गौतम आदि ने कार्यदायी संस्था से निर्माणाधीन सड़क पर पानी छिड़काव कराने की मांग की है।

इस संबंध में नगर पालिका के ईओ अविनाश कुमार ने बताया कि कोलमंडी में समय-समय पर पालिका के कर्मचारियों को भेजकर सड़क के किनारे जमा धूल की सफाई कराई जाती है। लेकिन इस समय वहां कार्यदायी संस्था के द्वारा कार्य चल रहा है। कार्यदायी संस्थान के लोगों से वार्ता कर जल्द ही इस समस्याओं से निजात दिलाई जाएगी।


 

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