बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार समाप्त, आज होगा राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
निजीकरण के विरोध में एसई कार्यालय पर तीन घंटे कार्य बहिष्कार
बिजली विभाग के लोगों ने जताया अपना विरोध
निजीकरण की संभावनाओं पर जारी है कड़ा विरोध
चंदौली जिले में मुगलसराय इलाके के गोधना स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने बुधवार को निजीकरण के विरोध में तीन घंटे का कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन विद्युत संघर्ष समिति के नेतृत्व में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चला।
बताते चलें कि धरने के दौरान कर्मचारियों ने सभा कर केंद्र सरकार द्वारा विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की संभावनाओं पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने एलान किया कि 29 मई को देशभर में विद्युत कर्मियों द्वारा राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि निजीकरण संबंधी टेंडर न जारी होने के चलते 29 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
लखनऊ बैठक में लिया गया निर्णय
संघर्ष समिति की लखनऊ में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 181 दिनों से चल रहे आंदोलन के दबाव में अब तक पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का टेंडर जारी नहीं हो सका है। गर्मी को देखते हुए उपभोक्ताओं की असुविधा से बचाने के उद्देश्य से फिलहाल कार्य बहिष्कार स्थगित रहेगा।
चेतावनी भी दी
हालांकि समिति ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार का निजीकरण टेंडर जारी हुआ, तो बिना किसी पूर्व सूचना के पूरे प्रदेश के ऊर्जा निगमों के कर्मचारी, संविदाकर्मी, अभियंता और जूनियर इंजीनियर तत्काल कार्यवाही करने को बाध्य होंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार
पावर कारपोरेशन के चेयरमैन द्वारा दिए गए चेतावनी भरे बयानों से नाराज अभियंताओं ने बुधवार शाम पांच बजे के बाद उनकी बुलाई गई वीडियो कांफ्रेंसिंग का बहिष्कार किया। समिति ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ऊर्जा निगमों में जबरन हड़ताल थोपने की कोशिश कर रहे हैं।
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